वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी 2026 में अपना डेब्यू मैच खेल रहे हैं. एक ओर जहां वैभव के डेब्यू पर सभी की नजरें टिकी हुई थीं, वहीं यह मुकाबला उनके लिए कुछ खास नहीं रहा. बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेले जा रहे मैच में ईस्ट जोन की तरफ से बैटिंग करते हुए वैभव महज 6 गेंद ही मैदान पर टिक सके. हालांकि, मैच में कम वक्त बिताने के बावजूद 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. टूर्नामेंट से ठीक पहले वैभव को ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाया गया था, जहां वह कप्तान ईशान किशन के साथ टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने निडर अंदाज के लिए पहचान बना चुके वैभव से रेड-बॉल क्रिकेट में भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि, उनकी पहली पारी काफी छोटी साबित हुई. वैभव ने अपनी पुरानी शैली में बल्लेबाजी की शुरुआत की और क्रीज पर आते ही दो चौके जड़े. लेकिन नॉर्थ ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज बिस्वजीत कोंगथौजम ने जल्द ही उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया.
मैदान पर वैभव का सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनकी जर्सी ने फैंस का ध्यान खींच लिया. जब वह आउट होकर वापस लौट रहे थे, तब उनकी ईस्ट जोन की जर्सी के पीछे लिखे नंबर पर टेप चिपका हुआ दिखाई दिया.
वैभव ने जर्सी पर क्यों चिपकाया टेप?
जर्सी पर टेप लगाने की आधिकारिक वजह अभी साफ नहीं हुई है, लेकिन फैंस के बीच इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. दरअसल, वैभव सूर्यवंशी को आमतौर पर 3 नंबर की जर्सी में देखा जाता है.
राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हुए और टीम इंडिया के लिए डेब्यू करते वक्त वैभव ने 3 नंबर की जर्सी ही पहनी थी. ऐसे में माना जा रहा है कि वह दलीप ट्रॉफी में भी अपना पसंदीदा नंबर 3 ही पहनना चाहते थे, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी जर्सी के नंबर 13 में नंबर 1 को टेप से छिपा दिया हालांकि जर्सी का नंबर बदलने से वैभव वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कुछ ख़ास प्रभावी नहीं दिखा.
वैभव सूर्यवंशी क्यों पहनते हैं 3 नंबर की जर्सी?
3 नंबर के पीछे वैभव का एक खास जुड़ाव है. उन्होंने खुद खुलासा किया था कि इस नंबर का चुनाव उनकी मां की सलाह और न्यूमरोलॉजी (अंक ज्योतिष) के आधार पर हुआ है. 2025 में अंडर-19 एशिया कप से पहले ‘इंडिया ए’ के मीडिया डे पर वैभव ने बताया था, ‘मेरी मम्मी ने मुझसे कहा था कि 12 नंबर लेने का कोई मतलब नहीं है, सीधे 3 नंबर ही ले लो.’ तभी से 3 नंबर वैभव की पहचान बन गया है और वह हर जगह इसी नंबर की जर्सी पहनना पसंद करते हैं.
हालांकि, उनका पसंदीदा नंबर डेब्यू मैच के नतीजे को नहीं बदल सका और वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए. लाल गेंद के इस फॉर्मेट में पहली पारी उनके लिए सबक की तरह रही.
लेकिन महज एक खराब पारी से इस युवा खिलाड़ी को निराश होने की जरूरत नहीं है. 15 साल की उम्र में वैभव के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की यह सिर्फ शुरुआत है.