सैमसंग (Samsung) एक बार फिर अपनी खराब आफ्टर-सेल्स सर्विस और लचर रवैये को लेकर सवालों के घेरों में है. मार्केट में खुद को नंबर वन बताने वाली कंपनी ग्राहकों को सही सर्विस देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है. सोशल मीडिया पर सामने आया नया मामला कंपनी की बिलिंग प्रक्रिया और ग्राहक सेवा की पोल खोलकर रख दी है. एक ग्राहक ने सैमसंग के खुद के पोर्टल से जनरेट इनवॉइस में गलत GST कोड (SAC 998715) होने और 9 महीने तक मामला न सुलझने का गंभीर आरोप लगाया है,
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर मनीष सोलंकी (@S35945162Manish) नाम के यूज़र ने सैमसंग इंडिया को टैग करते हुए अपनी आपबीती साझा की है. मनीष का आरोप है कि सैमसंग के अपने आधिकारिक पोर्टल से उनका रिपेयर इनवॉइस (Repair Invoice) जनरेट किया गया, लेकिन उसमें जो सर्विस कोड (SAC 998715) दर्ज है, वह सर्विस सेंटर के GST रजिस्ट्रेशन में मौजूद ही नहीं है.
हद तो तब हो गई जब इस बात को 9 महीने बीत जाने के बाद भी सैमसंग की तरफ से कोई ठोस समाधान (Resolution) नहीं निकाला गया. मनीष ने सर्विस सेंटर की कार्यशैली और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर बिल की कॉपी भी पोस्ट की है.
सैमसंग का रटा-रटाया जवाब
इस मामले पर सैमसंग इंडिया (@SamsungIndia) ने हर बार की तरह एक औपचारिक और रटा-रटाया जवाब दिया. कंपनी ने लिखा— “हम समझते हैं कि यह इंतजार कठिन हो सकता है, हम आपके धैर्य के लिए आभारी हैं. हमारी टीम इसे हल करने के लिए काम कर रही है और जल्द ही आपसे संपर्क करेगी.”
हालाँकि, महीनों से परेशान ग्राहकों के लिए कंपनी का यह जवाब जले पर नमक छिड़कने जैसा साबित हो रहा है.
लीगल एक्शन और बायकॉट की उठी मांग
सोशल मीडिया पर सैमसंग की इस ढुलमुल नीति के खिलाफ गुस्सा तेजी से फैल रहा है. एक अन्य यूज़र (@worstphone) ने सैमसंग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनके फोन से जुड़ी सॉफ्टवेयर समस्या का मुफ्त और स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो वे बिना झिझक कानूनी रास्ता (Legal Recourse) अपनाएंगे.
यूज़र्स अब एक-दूसरे को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और ‘e-Jagriti’ पोर्टल पर सैमसंग के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने की सलाह दे रहे हैं. गुस्साए ग्राहकों ने त्यौहारी सीजन (Sale Days) के दौरान सैमसंग के होम अप्लायंसेज और स्मार्टफोन न खरीदने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर बायकॉट का अभियान छेड़ दिया है. एक के बाद एक सामने आ रहे ऐसे मामलों ने साबित कर दिया है कि सैमसंग के लिए ग्राहकों की गाढ़ी कमाई और उनका समय कोई मायने नहीं रखता.