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पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप, बिहार का युवक गोपनीय जानकारी शेयर करते पकड़ा, हिरासत में लिया

Assam espionage case: असम पुलिस की STF ने गुवाहाटी से बिहार निवासी 31 वर्षीय अभिषेक कुमार सिंह को पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव से कथित संपर्क और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. कार्रवाई तेजपुर स्थित गजराज कोर की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के बाद हुई. STF ने उसके पास से मोबाइल, सिम कार्ड और दस्तावेज बरामद किए हैं. 4 अक्टूबर के ताजा अपडेट के मुताबिक, इसी मामले में एक रिटायर्ड सेना के जवान समेत कुल दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है.

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Last Updated: 2026-10-04 23:17:33

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Assam espionage case: असम में कथित पाकिस्तान जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में बिहार के एक 31 वर्षीय युवक अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने उसे गुवाहाटी के सतगांव इलाके में एक किराए के मकान से पकड़ा. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ आरोप है कि वह पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में था और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर साझा कर रहा था. यह कार्रवाई तेजपुर स्थित गजराज कोर की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले शुरुआती इनपुट के बाद की गई.

सेना की खुफिया सूचना के बाद शुरू हुई निगरानी

असम पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट से हुई. STF और सोनितपुर पुलिस ने इसके बाद अभिषेक की गतिविधियों और कथित संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की. जांच के दौरान उसके पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव से कथित संबंधों की जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया. पुलिस के मुताबिक, 3 और 4 अक्टूबर की दरम्यानी रात STF ने गुवाहाटी में कार्रवाई कर अभिषेक को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया.

सुरक्षा बलों की गोपनीय जानकारी शेयर करने का आरोप

शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का आरोप है कि अभिषेक पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के निर्देश पर कथित तौर पर काम कर रहा था. उस पर सुरक्षा बलों से संबंधित गोपनीय और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है. हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित तौर पर किस तरह की जानकारी साझा की गई, वह कितने समय से इस गतिविधि में शामिल था और जानकारी किस माध्यम से पाकिस्तान तक पहुंचाई गई. इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

मोबाइल, सिम कार्ड और दस्तावेज बरामद

गिरफ्तारी के दौरान STF ने अभिषेक के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं. पुलिस इन सामान की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनसे कथित जासूसी गतिविधियों को लेकर क्या जानकारी मिलती है. जांच एजेंसियां उसके डिजिटल संपर्कों, फोन रिकॉर्ड और अन्य संभावित कनेक्शनों को भी खंगाल रही हैं.

मामले में अब दो गिरफ्तारियां

4 अक्टूबर को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पाकिस्तान को सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर देने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक रिटायर्ड सेना का जवान भी शामिल है, जो अनुबंध के आधार पर दोबारा सेवा से जुड़ा हुआ था. दूसरे आरोपी की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. ऐसे में अभिषेक कुमार सिंह की गिरफ्तारी के साथ जांच का दायरा अब और बढ़ गया है.

जांच में खंगाली जा रही है पूरे नेटवर्क की कड़ी

पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभिषेक के कथित संपर्क कितने व्यापक थे. उसके संपर्क में कौन कौन लोग थे, किससे संवाद होता था और कथित तौर पर कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की गई, इन सवालों की पड़ताल की जा रही है. जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर भी है कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या आरोप सिर्फ एक सीमित संपर्क तक थे. फिलहाल जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.

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Last Updated: 2026-10-04 23:17:33

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Assam espionage case: असम में कथित पाकिस्तान जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में बिहार के एक 31 वर्षीय युवक अभिषेक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने उसे गुवाहाटी के सतगांव इलाके में एक किराए के मकान से पकड़ा. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ आरोप है कि वह पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में था और सुरक्षा बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर साझा कर रहा था. यह कार्रवाई तेजपुर स्थित गजराज कोर की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले शुरुआती इनपुट के बाद की गई.

सेना की खुफिया सूचना के बाद शुरू हुई निगरानी

असम पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट से हुई. STF और सोनितपुर पुलिस ने इसके बाद अभिषेक की गतिविधियों और कथित संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की. जांच के दौरान उसके पाकिस्तान के एक खुफिया ऑपरेटिव से कथित संबंधों की जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया. पुलिस के मुताबिक, 3 और 4 अक्टूबर की दरम्यानी रात STF ने गुवाहाटी में कार्रवाई कर अभिषेक को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया.

सुरक्षा बलों की गोपनीय जानकारी शेयर करने का आरोप

शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का आरोप है कि अभिषेक पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के निर्देश पर कथित तौर पर काम कर रहा था. उस पर सुरक्षा बलों से संबंधित गोपनीय और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है. हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित तौर पर किस तरह की जानकारी साझा की गई, वह कितने समय से इस गतिविधि में शामिल था और जानकारी किस माध्यम से पाकिस्तान तक पहुंचाई गई. इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

मोबाइल, सिम कार्ड और दस्तावेज बरामद

गिरफ्तारी के दौरान STF ने अभिषेक के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं. पुलिस इन सामान की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनसे कथित जासूसी गतिविधियों को लेकर क्या जानकारी मिलती है. जांच एजेंसियां उसके डिजिटल संपर्कों, फोन रिकॉर्ड और अन्य संभावित कनेक्शनों को भी खंगाल रही हैं.

मामले में अब दो गिरफ्तारियां

4 अक्टूबर को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पाकिस्तान को सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर देने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक रिटायर्ड सेना का जवान भी शामिल है, जो अनुबंध के आधार पर दोबारा सेवा से जुड़ा हुआ था. दूसरे आरोपी की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. ऐसे में अभिषेक कुमार सिंह की गिरफ्तारी के साथ जांच का दायरा अब और बढ़ गया है.

जांच में खंगाली जा रही है पूरे नेटवर्क की कड़ी

पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभिषेक के कथित संपर्क कितने व्यापक थे. उसके संपर्क में कौन कौन लोग थे, किससे संवाद होता था और कथित तौर पर कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की गई, इन सवालों की पड़ताल की जा रही है. जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर भी है कि क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या आरोप सिर्फ एक सीमित संपर्क तक थे. फिलहाल जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.

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