तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में मैदान पर उतरते ही भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक नया इतिहास रच दिया. भारतीय प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते ही कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे (ODI) मैच खेलने वाले भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं.
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
अजहरुद्दीन का सालों पुराना रिकॉर्ड टूटा
विराट कोहली का वेस्टइंडीज के खिलाफ यह 44वां वनडे मैच है. इससे पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 1985 से 1998 के बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 मैच खेले थे. उनका यह रिकॉर्ड लगभग तीन दशकों तक कोई नहीं तोड़ सका था, लेकिन कोहली ने इसे अपने नाम कर लिया है.
37 साल के विराट कोहली न सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले भारतीय हैं, बल्कि इस टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं. उन्होंने अब तक वेस्टइंडीज के खिलाफ 2,261 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक शामिल हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में विशाखापत्तनम में रहा था, जब उन्होंने नाबाद 157 रनों की पारी खेली थी.
वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज
| खिलाड़ी | करियर | मैच (WI के खिलाफ) | रन | शतक |
| विराट कोहली | 2009-2026 | 44 | 2,261 | 9 |
| मोहम्मद अजहरुद्दीन | 1985-1998 | 43 | 998 | 0 |
| कपिल देव | 1979-1994 | 42 | 842 | 0 |
| राहुल द्रविड़ | 1997-2009 | 40 | 1,348 | 3 |
| एमएस धोनी | 2005-2019 | 39 | 1,005 | 0 |
| सचिन तेंदुलकर | 1991-2011 | 39 | 1,573 | 4 |
अब शिवनरेन चंद्रपॉल के रिकॉर्ड पर नजर
भारत की तरफ से तो कोहली नंबर-1 बन चुके हैं, लेकिन भारत और वेस्टइंडीज के बीच मैचों में सबसे ज्यादा वनडे खेलने का विश्व रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज शिवनरेन चंद्रपॉल के नाम है. चंद्रपॉल ने 1994 से 2009 के बीच भारत के खिलाफ 46 वनडे मैच खेले थे.
अगर विराट कोहली इस मौजूदा तीन मैचों की सीरीज के सभी मुकाबले खेलते हैं, तो वह चंद्रपॉल के इस विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी कर लेंगे.
फिटनेस और निरंतरता का नतीजा
विराट कोहली ने 2008 में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था और 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला था. 15 साल से भी लंबे करियर में उनकी बेहतरीन फिटनेस और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर ही वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं.
अजहरुद्दीन के दौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज मैच ज्यादा खेले जाते थे. कोहली को यह रिकॉर्ड तोड़ने में इतना समय इसलिए लगा क्योंकि अब क्रिकेट कैलेंडर में टी-20 और अन्य फॉर्मेट के मैच ज्यादा होने लगे हैं.