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‘सीखने की कोई उम्र नहीं होती’..70 की उम्र में पास कर ली 10वीं, Up Board से आए 86% नंबर, अब ग्रेजुएशन की तैयारी!

UP Board Result 2026: कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और इरादे नेक हों तो आसमान में भी सुराख किया जा सकता है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जनपद के मधुबन क्रॉसिंग मोहल्ले के रहने वाले राजाराम मौर्य ने. 70 साल की उम्र, जहाँ लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं, वहाँ राजाराम ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा पास कर नया इतिहास रच दिया है.

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Last Updated: 2026-04-24 16:08:34

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UP Board Result 2026: रायबरेली के मधुबन क्रॉसिंग निवासी 70 वर्षीय राजाराम मौर्य ने उम्र की बाधा को पार करते हुए यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. PNB के सेवानिवृत्त सीनियर बैंक मैनेजर राजाराम ने पाली भाषा में 86% अंक प्राप्त किए हैं. सम्राट अशोक और बुद्ध के इतिहास को मूल रूप में पढ़ने की इच्छा ने उन्हें इस उम्र में छात्र बना दिया. उनकी यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है. जानें पूर्व बैंक मैनेजर ने कैसे हासिल किया ये मुकाम-

रिटायरमेंट के बाद पूरी की अधूरी इच्छा

​राजाराम मौर्य कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं हैं. वह पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में सीनियर बैंक मैनेजर के पद से साल 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे. बैंक की बड़ी जिम्मेदारियाँ निभाने के बाद उन्होंने तय किया कि अब वह अपनी अधूरी इच्छाएं पूरी करेंगे. उन्होंने कलम थामी और निकल पड़े ज्ञान की खोज में.

पढ़ाई की लगन से मनवाया लोहा

​गुरुवार को जब यूपी बोर्ड के नतीजे आए, तो हर कोई दंग रह गया. राजाराम ने हाईस्कूल की परीक्षा में पाली भाषा (एकल विषय) से 86 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. महज पास होना ही उनका मकसद नहीं था, बल्कि उन्होंने बेहतरीन अंकों के साथ अपनी मेधा का लोहा मनवाया है.

कहां से मिला मोटिवेशन

​आखिर इस उम्र में पढ़ाई क्यों? इस सवाल पर राजाराम मौर्य की आँखों में एक अलग ही चमक दिखती है. वह बताते हैं, “मुझे गौतम बुद्ध की जातक कथाओं, सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के इतिहास में गहरी रुचि है. यह सारा इतिहास पाली भाषा में रचा गया है. बस, इसी को मूल रूप में पढ़ने और समझने के लिए मैंने इस भाषा को सीखने का फैसला किया.”

ग्रेजुएशन तक का है की प्लान

​मैनेजर साहब यहीं रुकने वाले नहीं हैं. हाईस्कूल फतह करने के बाद अब उनके हौसले बुलंद हैं. उनका अगला लक्ष्य इंटरमीडिएट और फिर ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना है. उनका कहना है कि वह पाली भाषा में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं ताकि इतिहास के उन पन्नों को खुद पढ़ सकें जो अब तक अनछुए थे.

​सोशल मीडिया पर छाए

जैसे ही राजाराम की सफलता की खबर फैली, मधुबन क्रॉसिंग स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. लोग कह रहे हैं कि राजाराम मौर्य ने उन युवाओं के लिए एक मिसाल पेश की है जो छोटी-सी असफलता से हार मान लेते हैं.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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UP Board Result 2026: रायबरेली के मधुबन क्रॉसिंग निवासी 70 वर्षीय राजाराम मौर्य ने उम्र की बाधा को पार करते हुए यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. PNB के सेवानिवृत्त सीनियर बैंक मैनेजर राजाराम ने पाली भाषा में 86% अंक प्राप्त किए हैं. सम्राट अशोक और बुद्ध के इतिहास को मूल रूप में पढ़ने की इच्छा ने उन्हें इस उम्र में छात्र बना दिया. उनकी यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है. जानें पूर्व बैंक मैनेजर ने कैसे हासिल किया ये मुकाम-

रिटायरमेंट के बाद पूरी की अधूरी इच्छा

​राजाराम मौर्य कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं हैं. वह पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में सीनियर बैंक मैनेजर के पद से साल 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे. बैंक की बड़ी जिम्मेदारियाँ निभाने के बाद उन्होंने तय किया कि अब वह अपनी अधूरी इच्छाएं पूरी करेंगे. उन्होंने कलम थामी और निकल पड़े ज्ञान की खोज में.

पढ़ाई की लगन से मनवाया लोहा

​गुरुवार को जब यूपी बोर्ड के नतीजे आए, तो हर कोई दंग रह गया. राजाराम ने हाईस्कूल की परीक्षा में पाली भाषा (एकल विषय) से 86 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. महज पास होना ही उनका मकसद नहीं था, बल्कि उन्होंने बेहतरीन अंकों के साथ अपनी मेधा का लोहा मनवाया है.

कहां से मिला मोटिवेशन

​आखिर इस उम्र में पढ़ाई क्यों? इस सवाल पर राजाराम मौर्य की आँखों में एक अलग ही चमक दिखती है. वह बताते हैं, “मुझे गौतम बुद्ध की जातक कथाओं, सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के इतिहास में गहरी रुचि है. यह सारा इतिहास पाली भाषा में रचा गया है. बस, इसी को मूल रूप में पढ़ने और समझने के लिए मैंने इस भाषा को सीखने का फैसला किया.”

ग्रेजुएशन तक का है की प्लान

​मैनेजर साहब यहीं रुकने वाले नहीं हैं. हाईस्कूल फतह करने के बाद अब उनके हौसले बुलंद हैं. उनका अगला लक्ष्य इंटरमीडिएट और फिर ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना है. उनका कहना है कि वह पाली भाषा में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं ताकि इतिहास के उन पन्नों को खुद पढ़ सकें जो अब तक अनछुए थे.

​सोशल मीडिया पर छाए

जैसे ही राजाराम की सफलता की खबर फैली, मधुबन क्रॉसिंग स्थित उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. लोग कह रहे हैं कि राजाराम मौर्य ने उन युवाओं के लिए एक मिसाल पेश की है जो छोटी-सी असफलता से हार मान लेते हैं.

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