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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा के दूसरे चरण का चुनाव आज संपन्न हो गया है. वहीं इस बीच एक 81 साल के बुजुर्ग की मौत की खबर सामने आई है. यह खबर तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी कि गई है. जिसमें टीएमसी के महासचिव ने यह दावा किया है कि हावड़ा ज़िले में 81 साल के एक बुज़ुर्ग की मौत हो गई.
आरोप है कि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) के जवानों ने उनके साथ मारपीट की थी. यह घटना उदयनारायणपुर से सामने आई है, जिससे राज्य में चल रहे चुनाव के दौरान राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.
अभिषेक बनर्जी ने X पर पोस्ट कर किया दावा
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में, दावा किया कि अमित शाह के अधीन काम करने वाली केंद्रीय सेनाएं अब BJP की निजी सेना बन गई हैं. बंगाल के लोगों पर छोड़े गए लाइसेंसी गुंडों का एक गिरोह. उन्होंने दावा किया कि उदयनारायणपुर में, एक बुज़ुर्ग अपने बेटे के साथ वोट डालने गए थे. वे इतने कमज़ोर थे कि बिना सहारे चल नहीं पा रहे थे, इसलिए उनके बेटे ने उन्हें बूथ के अंदर ले जाने में मदद करने की कोशिश की. केंद्रीय सेनाओं ने दोनों को धक्का दिया और उनके साथ ज़ोर-जबरदस्ती की. बुज़ुर्ग जमीन पर गिर पड़े; उन्हें तुरंत आमता अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि सुबह से ही, ये केंद्रीय सेनाएं आम नागरिकों को आतंकित कर रही हैं. महिलाओं को थप्पड़ मार रही हैं, बुज़ुर्गों के साथ मारपीट कर रही हैं, और यहां तक कि बच्चों पर भी हमला कर रही हैं. यह दावा पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा मतदान के दौरान तैनात सेनाओं के बर्ताव को लेकर लगाए गए अन्य आरोपों के साथ आया है.
दक्षिण 24 परगना में एक मतदान केंद्र के पास महिलाओं और बच्चों पर हुआ लाठीचार्ज
इससे पहले आज, TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि दक्षिण 24 परगना में एक मतदान केंद्र के पास केंद्रीय सेनाओं ने नागरिकों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल थे. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, उन्होंने इस घटना को अविश्वसनीय हिंसा बताया. उन्होंने दावा किया कि जवानों ने महिलाओं को निशाना बनाने के बाद भी बल का प्रयोग जारी रखा, और इस दौरान एक बच्चा भी घायल हो गया.
उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. घोष ने केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं उन्हीं की देखरेख में हो रही हैं.