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घर की सुरक्षा के लिए लगाया था CCTV, दबंग पड़ोसियों को नहीं आई रास: घर में घुसकर पूरे परिवार को लहूलुहान किया

पहले पड़ोस में रहने वाले लोग सीसीटीवी लगाने से नाराज हुए और लगातार कैमरा हटाने का दबाव बनाने लगे. धीरे-धीरे ये दबाव हिंसा में बदल गया और दोनों पक्ष गाली-गलौच पर उतर आए. ये मामला इतना बढ़ गया कि घरों में घुंसके हिंसा होने लगी. जानें आखिर क्या है पूरा मामला-

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Last Updated: April 27, 2026 16:12:18 IST

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आज के समय में ज्यादातर परिवार घर के आगे सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं, ताकि घर चोरों या अन्य घटनाओं से सुरक्षित रहे. लेकिन तब क्या, जब सिक्योरिटी कैमरा ही सिर दर्द बन जाएगा. दरअसल, यूपी के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ये मामला मीरगंज क्षेत्र के ग्राम पैगानगरी का है, जहां दबंग पड़ोसियों ने कथित रूप से एक व्यक्ति के घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें पीड़ित परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। घटना से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव निवासी आशिक अली पुत्र अहमद हुसैन ने अपने घर की सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य गेट के सामने सीसीटीवी कैमरा लगवाया था। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले छोटे अली, खुदा बख्श और पुत्तन अली इस बात से नाराज थे और लगातार कैमरा हटाने का दबाव बना रहे थे। जब आशिक अली ने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया।

घर में घुंसके बरसाए लाठी-डंडे

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला किया। बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी को भी चोटें आईं। बताया गया है कि इससे पहले भी आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की थी, जिसका गांव स्तर पर समझौता करा दिया गया था। बावजूद इसके, आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

पीड़ित ने बताया कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मीरगंज इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पडोसी की अनुमति है जरूरी

अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन पड़ोसी की प्राइवेसी में दखल देना या इसे हटाने के लिए दवाब बनाना कानून की नजर में गलत है. इससे जुड़ा एक मामला कोच्चि से सामने आ चुका है, जहां नवंबर 2025 में दो पड़ोसी सीसीटीवी के मदभेद को कोर्ट लेकर पहुंचे.

यहां कोर्ट ने साफ किया कि सीसीटीवी लगाने वाला व्यक्ति दूसरे की प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं कर सकता, जबकि हिंसा या मतभेद करके सीसीटीवी निकलवाना भी कानून के खिलाफ है.

Disclaimer: The article is a part of a syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for the accuracy of the facts.

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आज के समय में ज्यादातर परिवार घर के आगे सीसीटीवी कैमरे लगवा रहे हैं, ताकि घर चोरों या अन्य घटनाओं से सुरक्षित रहे. लेकिन तब क्या, जब सिक्योरिटी कैमरा ही सिर दर्द बन जाएगा. दरअसल, यूपी के बरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ये मामला मीरगंज क्षेत्र के ग्राम पैगानगरी का है, जहां दबंग पड़ोसियों ने कथित रूप से एक व्यक्ति के घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें पीड़ित परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। घटना से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव निवासी आशिक अली पुत्र अहमद हुसैन ने अपने घर की सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य गेट के सामने सीसीटीवी कैमरा लगवाया था। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले छोटे अली, खुदा बख्श और पुत्तन अली इस बात से नाराज थे और लगातार कैमरा हटाने का दबाव बना रहे थे। जब आशिक अली ने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया।

घर में घुंसके बरसाए लाठी-डंडे

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला किया। बीच-बचाव करने आई उसकी पत्नी को भी चोटें आईं। बताया गया है कि इससे पहले भी आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की थी, जिसका गांव स्तर पर समझौता करा दिया गया था। बावजूद इसके, आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

पीड़ित ने बताया कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मीरगंज इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पडोसी की अनुमति है जरूरी

अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन पड़ोसी की प्राइवेसी में दखल देना या इसे हटाने के लिए दवाब बनाना कानून की नजर में गलत है. इससे जुड़ा एक मामला कोच्चि से सामने आ चुका है, जहां नवंबर 2025 में दो पड़ोसी सीसीटीवी के मदभेद को कोर्ट लेकर पहुंचे.

यहां कोर्ट ने साफ किया कि सीसीटीवी लगाने वाला व्यक्ति दूसरे की प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं कर सकता, जबकि हिंसा या मतभेद करके सीसीटीवी निकलवाना भी कानून के खिलाफ है.

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