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Home > राज्य > बिहार > Video: 700 गाड़ियां, ड्रोन कैमरा, लौंडा नाच और डीजे…बिहार में दादी की शवयात्रा को पोते ने बनाया यादगार

Video: 700 गाड़ियां, ड्रोन कैमरा, लौंडा नाच और डीजे…बिहार में दादी की शवयात्रा को पोते ने बनाया यादगार

Bihar News: बिहार के भोजपुर में दादी की शवयात्रा को यादगार बनाने के लिए पोते ने 700 से ज्यादा गाड़ियों का इंतजाम किया. इसके अलावा, इस शवयात्रा में 3500 से ज्यादा लोग शामिल भी हुए.

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Last Updated: April 27, 2026 10:56:08 IST

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Dadi Last Ride Video: बिहार में एक पोते ने अपनी दादी की अंतिम यात्रा को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिया. दरअसल, बताया जा रहा है कि दादी ने मरने से पहले इच्छा जताई थी कि वो जिस तरह से गाजे-बाजे के साथ ब्याह कर इस घर में आई थी. उसी तरह से विदा होना चाहती हैं. अब जब दादी का देहांत हुआ तो उनके पोतों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए गजब का इंतजाम किया. जिसकी पूरे बिहार में चर्चा हो रही है.

ये पूरा मामला बिहार (Bihar News) के भोजपुर के शाहपुर प्रखंड का बताया जा रहा है. यहां 95 साल की बुजुर्ग महिला का निधन हो गया. लेकिन इसके बाद उनके पोते ने धूमधाम से अपनी दादी की शवयात्रा निकाल कर उन्हें विदा किया.

दादी की शवयात्रा के लिए किया विशेष इंतजाम

दादी की शवयात्रा के लिए भोजपुर के शाहपुर में पोते ने 24 घंटे में 700 से ज्यादा गाड़ियां बुलवा लीं. इस शवयात्रा में 3500 से ज्यादा लोग शामिल हुए. वहीं ड्रोन कैमरे से इस शवयात्रा की हर एंगल से कवरेज भी कराई गई. इसके अलावा, इस शवयात्रा के दौरान लौंडा नाच करवाया गया. शवयात्रा की चकाचौंध को देखने के लिए लोग अपने-अपने छतों से देखने लगे. गाजे-बाजे को देखकर लोगों को अंदाजा ही नहीं हुआ कि ये बारात थी या शवयात्रा.



दादी ने की अंतिम इच्छा की पूरी

कौशल्या देवी ने कभी अपने बेटे-पोतों से कहा था कि वो इस घर में दुल्हन बन कर धूमधाम से आई थीं. 80 साल पहले की वो यादें उनके दिल में थीं. कौशल्या देवी ने इच्छा जाहिर की थी कि जब उनके घर से आखिरी विदाई हो तो उतनी ही धूमधाम से हो. लेकिन कौशल्या के 6 पोतों ने उनकी आखिरी विदाई को शादी समारोह से भी कहीं ज्यादा बना दिया. कहते हैं न कि ये बिहार है और यहां कुछ भी संभव है.

कैंसर से जूझ रही थीं दादी

बताया जा रहा है कि कौशल्या देवी 3 साल से कैंसर से जूझ रही थीं. उनके पति डॉक्टर जनार्दन पांडेय की 7 साल पहले ही मौत हो गई थीं. इनके दो बेटे हैं, जिसमें बड़े बेटे वृंदावन पांडेय और छोटे बेटे नारद पांडेय हैं. वृंदावन पांडेय पेशे से वकील हैं. वहीं कौशल्या देवी के 6 पोते हैं. अजय, अमर और गणेश धनबाद में कोयले का कोराबार करते हैं. वहीं एक पोता मंटू पांडेय कोल्ड ड्रिंक का व्यवसायी है. पोतों ने इसके बाद दादी की शवयात्रा के लिए ऐसा इंतजाम किया कि लोग देखते रह गए.

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Dadi Last Ride Video: बिहार में एक पोते ने अपनी दादी की अंतिम यात्रा को यादगार बनाने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिया. दरअसल, बताया जा रहा है कि दादी ने मरने से पहले इच्छा जताई थी कि वो जिस तरह से गाजे-बाजे के साथ ब्याह कर इस घर में आई थी. उसी तरह से विदा होना चाहती हैं. अब जब दादी का देहांत हुआ तो उनके पोतों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए गजब का इंतजाम किया. जिसकी पूरे बिहार में चर्चा हो रही है.

ये पूरा मामला बिहार (Bihar News) के भोजपुर के शाहपुर प्रखंड का बताया जा रहा है. यहां 95 साल की बुजुर्ग महिला का निधन हो गया. लेकिन इसके बाद उनके पोते ने धूमधाम से अपनी दादी की शवयात्रा निकाल कर उन्हें विदा किया.

दादी की शवयात्रा के लिए किया विशेष इंतजाम

दादी की शवयात्रा के लिए भोजपुर के शाहपुर में पोते ने 24 घंटे में 700 से ज्यादा गाड़ियां बुलवा लीं. इस शवयात्रा में 3500 से ज्यादा लोग शामिल हुए. वहीं ड्रोन कैमरे से इस शवयात्रा की हर एंगल से कवरेज भी कराई गई. इसके अलावा, इस शवयात्रा के दौरान लौंडा नाच करवाया गया. शवयात्रा की चकाचौंध को देखने के लिए लोग अपने-अपने छतों से देखने लगे. गाजे-बाजे को देखकर लोगों को अंदाजा ही नहीं हुआ कि ये बारात थी या शवयात्रा.



दादी ने की अंतिम इच्छा की पूरी

कौशल्या देवी ने कभी अपने बेटे-पोतों से कहा था कि वो इस घर में दुल्हन बन कर धूमधाम से आई थीं. 80 साल पहले की वो यादें उनके दिल में थीं. कौशल्या देवी ने इच्छा जाहिर की थी कि जब उनके घर से आखिरी विदाई हो तो उतनी ही धूमधाम से हो. लेकिन कौशल्या के 6 पोतों ने उनकी आखिरी विदाई को शादी समारोह से भी कहीं ज्यादा बना दिया. कहते हैं न कि ये बिहार है और यहां कुछ भी संभव है.

कैंसर से जूझ रही थीं दादी

बताया जा रहा है कि कौशल्या देवी 3 साल से कैंसर से जूझ रही थीं. उनके पति डॉक्टर जनार्दन पांडेय की 7 साल पहले ही मौत हो गई थीं. इनके दो बेटे हैं, जिसमें बड़े बेटे वृंदावन पांडेय और छोटे बेटे नारद पांडेय हैं. वृंदावन पांडेय पेशे से वकील हैं. वहीं कौशल्या देवी के 6 पोते हैं. अजय, अमर और गणेश धनबाद में कोयले का कोराबार करते हैं. वहीं एक पोता मंटू पांडेय कोल्ड ड्रिंक का व्यवसायी है. पोतों ने इसके बाद दादी की शवयात्रा के लिए ऐसा इंतजाम किया कि लोग देखते रह गए.

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