Aurangabad Accident News: जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रतिदिन लोग इसके कहर से जान गवां रहे है. शनिवार के पूर्वाह्न साढ़े दस बजे भी एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला जहां हाईवा की टक्कर से ऑटो सवार एक दर्जन लोग जख्मी हो गए और एक बच्चे की मौत हो गई. जिसकी पहचान दिहुली गांव निवासी सुभाष राम के पुत्र पीयूष कुमार के रूप में की गई है. जबकि घायलों में एक ऑटो चालक दो बच्चे, छह महिलाएं एवं अन्य शामिल है.
घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ओरा गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 19 की है. घायलों में की पहचान नेहा देवी, रंजू देवी, प्रियंका कुमारी, बसंती देवी, आदर्श कुमार, शिल्पी कुमारी शालिनी कुमारी एवं अन्य के रूप में की गई है. ऑटो चालक की स्थिति गंभीर होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई है. बताया जाता है कि सभी घायल एक ही परिवार के सदस्य है. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया.
घायलों को पहुंचाया अस्पताल
स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सभी लोगों के सहयोग से घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो बच्चों की स्थिति को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी घायल शहर के बराटपुर मुहल्ले में शुक्रवार की रात एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने आए थे. जन्मदिन मनाने के बाद सभी राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचे और एक ही ऑटो पर सवार होकर मदनपुर के दिहुली गांव जा रहे थे. लेकिन ओरा गांव के समीप मदनपुर की तरफ से आ रही हाईवा ने इनके ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी और भाग निकला.
जांट में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मुफ्सदी थाने की पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य शंकर यादवेन्दु सदर अस्पताल पहुंचे और घायलों तथा मृतक के परिजनों से मिले और उन्हें ढाढस बंधाया. हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्होंने इस मामले में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को आड़े हाथों लिया.
उन्होंने कहा कि दोनों विभाग की नाकामी से प्रतिदिन हादसे हो रहे है और इस विभाग के अधिकारी शहर की सड़कों पर वाहन जांच के नाम पर पैसे वसूल रहे है. उन्होंने कहा कि उस वक्त परिवहन विभाग या यातयात पुलिस कहा थी जब शहर से सटे फारम से एक ही ऑटो पर सवार होकर एक दर्जन से अधिक लोग सफर कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अब हादसे के बाद कार्रवाई विभागीय अधिकारियों पर भी होना चाहिए तब जाकर राष्ट्रीय राजमार्ग या राजकीय राजमार्ग की परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सकेगी.
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