दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान दिल्ली-एनसीआर से बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. लंबी वेटिंग लिस्ट और तीन गुना तक बढ़े हवाई किराए के बीच लाखों यात्रियों की उम्मीदें ‘स्पेशल ट्रेनों’ पर ही टिकी रहती हैं. यदि आपको भी अब तक नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट नहीं मिली है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने यात्रियों की इस परेशानी को दूर करने के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक-आधारित सुविधा शुरू की है.
कैसे काम करेगा रेलवे का यह अलर्ट सिस्टम?
अक्सर देखा जाता है कि यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों के चलने या उनमें सीटें खाली होने की सही समय पर जानकारी नहीं मिल पाती. इस वजह से कई सीटें खाली रह जाती हैं, और यात्रियों को मजबूरी में आखिरी वक्त पर ‘तत्काल’ (Tatkal) टिकट के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ती है.
रेलवे ने इस समस्या का एक आसान समाधान निकाला है. पिछले एक साल के दौरान रेलवे ने पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे यूपी-बिहार के मुख्य रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों के मोबाइल नंबर का एक डेटाबेस तैयार किया है. अब जब भी इन रूटों पर किसी नई स्पेशल ट्रेन की घोषणा होगी या किसी ट्रेन में सीटें बढ़ाने के लिए नया कोच (डिब्बा) जोड़ा जाएगा, तो उस रूट के यात्रियों को उनके मोबाइल पर तुरंत बल्क एसएमएस (SMS) आ जाएगा.
मोबाइल पर मैसेज मिलते ही यात्री बिना कोई देरी किए IRCTC ऐप से या नजदीकी रेलवे काउंटर पर जाकर अपनी कन्फर्म सीट बुक करा सकेंगे.
उत्तर रेलवे चलाएगा 1,000 से अधिक अतिरिक्त चक्कर
त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए उत्तर रेलवे ने इस साल स्पेशल ट्रेनों की संख्या में बड़ा इजाफा किया है. अक्टूबर के मध्य से लेकर नवंबर के अंत तक चलाने के लिए उत्तर रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के लगभग 1,000 फेरों (Trips) की योजना बनाई है.
बीते साल देशभर में त्योहारों के दौरान 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनों के चक्कर लगाए गए थे. इनमें से अकेले उत्तर रेलवे ने 5,500 से अधिक फेरे चलाकर यात्रियों को 1 लाख से ज्यादा अतिरिक्त सीटें दी थीं.
रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि इस साल स्पेशल ट्रेनों के जरिए यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और सीटों की संख्या पिछले साल से भी अधिक होगी.