आरोप है कि पंचायती में न्याय करने के बजाय मुखिया पति ‘तालिबानी’ मोड में आ गए. इस दौरान उन्होंने दो-तीन युवकों को सबके सामने खड़ा किया और बांस की छड़ी से उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि युवक दर्द से कराह रहे हैं और चिल्ला रहे हैं, लेकिन सिकंदर भाट का दिल नहीं पसीजा, वह लगातार युवकों को पीटते रहे और इस दौरान तमाशबीनों की भीड़ खामोश बैठी रही.
उधर, इस पिटाई का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. यूजर्स ने इसे सीधे तौर पर ‘तालिबानी सजा’ करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी जन-प्रतिनिधि के पति को सरेआम मारपीट करने का हक है? क्या पंचायतें अब टॉर्चर सेल बन गई हैं?
स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस ने की कार्रवाई
उधर, दबंगई का यह वीडियो वायरल होते ही आजमनगर थाना पुलिस ने बिना देर किए स्वत: संज्ञान (Sua Moto) लिया. इसके बाद पुलिस ने साफ संदेश दे दिया कि वर्दी से ऊपर कोई दबंग नहीं है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुखिया पति सिकंदर भाट को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
कानून को हाथ में लेने का हक किसी को नहीं
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. न्याय करना अदालतों का काम है, किसी ‘मुखिया पति’ का नहीं. अगर कोई दोषी है, तो उसे पुलिस के हवाले करें, न कि खुद न्याय करने लगें.