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Mandip Khol Gufa: छत्तीसगढ़ की रहस्यमयी मंडीप खोल गुफा कब से खुलेगी, क्या है धार्मिक मान्यता? प्राचीन शिवलिंग भी है स्थापित

Mandip Khol Cave: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में स्थित मंडीप खोल गुफा परंपरा के अनुसार सबसे पहले राजपरिवार द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होते हैं.

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Last Updated: April 24, 2026 18:54:17 IST

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Mandip Khol Gufa Kab Khulta Hai: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में स्थित मंडीप खोल गुफा एक बार फिर आस्था और रहस्य का केंद्र बनने जा रही है. विकासखंड छुईखदान के ठाकुरटोला जमीदारी क्षेत्र में स्थित यह गुफा 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाएगी. खास बात यह है कि यह गुफा साल में केवल एक दिन ही खुलती है, जिसके चलते यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. 

इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक सभी व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित मंडीप खोल गुफा तक पहुंचना किसी रोमांच से कम नहीं है.

एक ही नदी को करीब 16 बार करना होता है पार

श्रद्धालुओं को यहां तक पहुंचने के लिए दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है और एक ही नदी को करीब 16 बार पार करना होता है. कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था उन्हें हर साल यहां खींच लाती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल ठाकुरटोला राजपरिवार का कुलदेव स्थान है. परंपरा के अनुसार गुफा खुलने के बाद सबसे पहले राजपरिवार द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होते हैं.

भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग है स्थापित

गुफा के भीतर भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, साथ ही यहां पवित्र कुंड और ‘श्वेत गंगा’ जैसे प्राकृतिक जल स्रोत भी मौजूद हैं, जो इस स्थान को और अधिक रहस्यमयी बनाते हैं. 

मंडीप खोल गुफा को एशिया की दूसरी सबसे बड़ी प्राकृतिक गुफाओं में भी गिना जाता है, जहां प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. इसी विशेषता के चलते हर साल छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

साफ-सफाई को लेकर तैयार की गई विशेष योजना

इस वर्ष भी संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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Mandip Khol Gufa Kab Khulta Hai: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में स्थित मंडीप खोल गुफा एक बार फिर आस्था और रहस्य का केंद्र बनने जा रही है. विकासखंड छुईखदान के ठाकुरटोला जमीदारी क्षेत्र में स्थित यह गुफा 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोली जाएगी. खास बात यह है कि यह गुफा साल में केवल एक दिन ही खुलती है, जिसके चलते यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. 

इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक सभी व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है. घने जंगलों और ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित मंडीप खोल गुफा तक पहुंचना किसी रोमांच से कम नहीं है.

एक ही नदी को करीब 16 बार करना होता है पार

श्रद्धालुओं को यहां तक पहुंचने के लिए दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ता है और एक ही नदी को करीब 16 बार पार करना होता है. कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था उन्हें हर साल यहां खींच लाती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल ठाकुरटोला राजपरिवार का कुलदेव स्थान है. परंपरा के अनुसार गुफा खुलने के बाद सबसे पहले राजपरिवार द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होते हैं.

भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग है स्थापित

गुफा के भीतर भगवान शिव का प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, साथ ही यहां पवित्र कुंड और ‘श्वेत गंगा’ जैसे प्राकृतिक जल स्रोत भी मौजूद हैं, जो इस स्थान को और अधिक रहस्यमयी बनाते हैं. 

मंडीप खोल गुफा को एशिया की दूसरी सबसे बड़ी प्राकृतिक गुफाओं में भी गिना जाता है, जहां प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. इसी विशेषता के चलते हर साल छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

साफ-सफाई को लेकर तैयार की गई विशेष योजना

इस वर्ष भी संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके.

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