Delhi High Court VC: दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की कोर्ट में चल रही कार्यवाही में उस समय बाधा आ गई, जब वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के दौरान बीच में ही एक यूजर ने अश्लील पोर्नोग्राफ़िक कंटेंट चला दिया. बताया जा रहा है कि यह घटना चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच के सामने हुई.
जब कोर्ट अपनी सप्लीमेंट्री लिस्ट पर सुनवाई कर रहा था, तभी VC पर “Shitjeet Sighn” नाम से लॉग-इन किए एक अनजान यूजर ने अपनी स्क्रीन शेयर की और VC पर पोर्नोग्राफ़िक कंटेंट चला दिया. हालांकि, कुछ ही देर बाद जब VC को दोबारा शुरू किया गया तो उसी यूजर ने फिर से स्क्रीन शेयर की और पोर्नोग्राफ़िक कंटेंट दिखा दिया.
वीसी को किया गया बंद
दोबारा ऐसा होने के बाद स्टाफ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को फिर से बंद कर दिया और काफी देर तक उसे दोबारा शुरू नहीं किया गया. बाद में VC को फिर से चालू किया गया और उस यूजर ने तीसरी बार अपनी स्क्रीन शेयर करके अश्लील कंटेंट चला दिया. बैकग्राउंड से एक आवाज आई, ‘यह अमेरिका से किया गया एक है. मीटिंग को अभी तुरंत बंद कर दो. इसे दोबारा कभी चालू मत करना. तुम हैक हो चुके हो’.
Obscene pornographic content being played repeatedly in the middle of hearings on VC before Delhi High Court’s Chief Justice bench.
VC meeting has been shut down twice. pic.twitter.com/SBAkW84qgc
— Live Law (@LiveLawIndia) April 29, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से की शिकायत
फिलहाल वीसी को दोबारा शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसमें शामिल होने वाले लोगों (पार्टिसिपेंट्स) को तुरंत लॉक कर दिया गया है. इस समय कोर्ट का वीडियो और ऑडियो भी बंद कर दिया गया है. दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने अब दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. यह शिकायत VC कार्यवाही के दौरान संभावित सुरक्षा उल्लंघन या बिना अनुमति के की गई दखलंदाज़ी के मामले में की गई है. अब इस मामले में शुरुआती जांच शुरू की जाएगी.
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ASG चेतन शर्मा ने कोर्ट से किया ये अनुरोध
दोपहर के भोजन के बाद वाले सत्र में ASG चेतन शर्मा ने चीफ जस्टिस की कोर्ट के सामने इस मामले का ज़िक्र किया और कहा कि दोपहर के भोजन से पहले वाले सत्र में सिर्फ एक कोर्ट में ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य कोर्टों में भी कुछ परेशान करने वाली घटनाएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना से संस्था की गरिमा और उसकी समग्र अखंडता को नुकसान पहुंचने का खतरा है. ASG शर्मा ने कोर्ट से अनुरोध किया कि एक आदेश जारी किया जाए, जिसमें संबंधित सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटाएं और इसके आगे प्रसार को रोकें.
चीफ जस्टिस ने क्या कहा?
इस पर चीफ जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशासनिक तौर पर मैंने पहले ही रजिस्ट्रार जनरल (RG) को निर्देश दे दिए हैं और उनसे अनुरोध भी किया है. हमारे नियमों के अनुसार, इस तरह का (अश्लील) कंटेंट तभी दिखाया जा सकता है, जब उसे रिकॉर्ड किया गया हो; जबकि रिकॉर्डिंग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. अगर किसी ने इसे रिकॉर्ड किया है, तभी इसे दिखाया जा सकता है.ॉऔर ऐसा करना नियमों के खिलाफ है. साथ ही तय मानकों के अनुसार, अगर नियमों का उल्लंघन करते हुए कुछ भी रिकॉर्ड किया जाता है तो संबंधित अधिकारी उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे.