Delhi Uttam Nagar Murder Case: दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रशासन ने आज यानी गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को उत्तम नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया. इस अभियान के तहत निगम के पश्चिमी ज़ोन के भवन विभाग ने दिल्ली पुलिस की एक टीम के सहयोग से अवैध ढांचों और अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया. स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर निगम प्रशासन ने इस साल होली के मौके पर तरुण की हत्या में शामिल एक आरोपी के घर के खिलाफ कार्रवाई की. इस संबंध में निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी कोई संलिप्तता या संबंध नहीं है.
इस पूरे मामले पर अधिकारियों का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई निगम के अपीलीय न्यायाधिकरण न्यायालय (ATC) द्वारा जारी एक आदेश के अनुपालन में की गई थी. दो अलग-अलग इमारतें बनाई गई थीं, एक तीन घरों को मिलाकर और दूसरी दो घरों को मिलाकर. नियमों के अनुसार, दो या दो से अधिक अलग-अलग घरों को मिलाकर एक ही इमारत नहीं बनाई जा सकती.
अधिकारियों ने क्या कहा?
इसके अलावा, अधिकारियों ने आगे बताया कि नगर निगम प्रशासन ने बुधवार शाम 4:00 बजे दिल्ली नगर निगम के अपीलीय न्यायाधिकरण न्यायालय (ATC) द्वारा जारी एक आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की. यह आदेश डेढ़ घंटे की सुनवाई के बाद जारी किया गया था. अधिकारियों ने आगे बताया कि जिन इमारतों पर यह तोड़फोड़ अभियान चलाया गया है, अब उनका उपयोग नहीं किया जा सकता. जिस गली में यह अभियान चलाया गया, वो गली काफी संकरी थी. इसलिए नगर निगम के कर्मचारियों ने जेसीबी मशीनों और हाथ से काम करने वाले मजदूरों की मदद से मकान में तोड़फोड़ का काम किया. इमारतों को इस तरह से ध्वस्त किया गया है कि अब वे उपयोग के लायक नहीं रह गई है.
यह भी पढ़ें – दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदला मौसम का मिजाज, गाजियाबाद में भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
तरूण हत्याकांड
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन 4 मार्च को तरुण की हत्या कर दी गई थी. दरअसल, पूरा मामला यह है कि होली के दिन तरुण की छोटी भतीजी ने गलती से छत से पानी से भरा एक गुब्बारा नीचे फेंक दिया, जो पड़ोस में रहने वाली एक महिला को जा लगा. हालांकि परिवार ने तुरंत माफी मांग ली थी, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ. इसके बाद लगभग 10 से 15 लोगों के एक समूह ने हाथों में लाठियों और डंडों के साथ तरुण के गर पहुंच गया और विवाद बढ़ गया। इस कहासुनी के दौरान जब तरुण अपने परिवार को बचाने के लिए बीच में आए तो भीड़ ने उन पर हमला कर दिया. इस मारपीट की वजह से तरुण की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस मामले को लेकर 14 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है.
तरुण हत्याकांड की वजह से दिल्ली के उत्तम नगर में ईद के मौके पर काफी तनाव देखने को मिला था. हिंदूवादी संगठनों की धमकी की वजह से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.