arvind kejriwal letter Delhi high court justice swarana kanta Sharma: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में नया ट्विस्ट आ गया है. दिल्ली के पूर्व मु्ख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार (27 अप्रैल, 2026) को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को चिट्ठी लिखकर इशारों-इशारों में बड़ा सवाल उठा दिया है. अरविंद केजरीवाल ने इस चिट्ठी में लिखा है- ‘मैं आबकारी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अपील याचिका पर उनके सामने स्वयं या वकील के जरिए पेश नहीं होऊंगा. इसी चिट्टी में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के निर्णय को स्वीकार करेंगे.
टूट गई उम्मीद
अरविंद केजरीवाल ने चिट्ठी में लिखा है- ‘मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है. मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है और इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है.’ इसी पत्र में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है और जस्टिस स्वर्णकांता जो फैसला करेंगी उन्हें स्वीकार होगा और फैसले के खिलाफ वे कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा.
क्या है दिल्ली शराब नीति घोटाला
यहां पर बता दें कि दिल्ली शराब घोटाला (2021-22) आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की नई आबकारी नीति से जुड़ा एक कथित भ्रष्टाचार का मामला है. आरोप है कि इसके जरिये निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और अवैध कमीशन (किकबैक) लिया गया. आरोप यह भी है कि नीति में शराब बिक्री को 100 प्रतिशत निजी हाथों में सौंपने से सरकारी खजाने को भारी घाटा और शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ होने का दावा किया गया है.
#WATCH दिल्ली: AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मुझे एक झूठे केस में फंसाया गया और जेल भेज दिया गया। एक चुनी हुई सरकार को गलत तरीके से गिरा दिया गया। हमें कई महीने जेल में रखा लेकिन आखिरकार सच की जीत हुई। कोर्ट ने मुझे पूरी तरह निर्दोष घोषित कर दिया। कोर्ट ने CBI… pic.twitter.com/vglBJYL3ng
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 27, 2026
यहां पर बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया है. यह याचिका बिना इजाजत कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करने के बाद उसे सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने को लेकर है. यह अलग बात है कि कोर्ट ने सभी वीडियो डिलीट करने और लिंक हटाने के निर्देश दिए हैं. यह याचिका एडवोकेट वैभव सिंह ने लगाई है.
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लेटर लिखकर कहा है कि वे उनके सामने खुद या वकील के ज़रिए पेश नहीं होंगे।
केजरीवाल ने लिखा, “जस्टिस स्वर्णकांता से इंसाफ़ मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह को फॉलो करने का फ़ैसला… pic.twitter.com/OdPPkfNrYM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 27, 2026
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया, पत्रकार रवीश कुमार और अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने सूचना मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया है. उधर, जिन लिंक पर आपत्ति थी, उन्हें Google और Meta ने पहले ही हटा दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी.