Chirag Delhi PG Cracks: दिल्ली में छात्रों के लिए किराए के PG और हॉस्टल की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है. सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग हादसे के कुछ ही दिनों बाद अब चिराग दिल्ली की एक PG बिल्डिंग में बड़ी-बड़ी दरारें मिलने से हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की दीवार का एक हिस्सा भी गिर गया, जिसके बाद वहां रहने वाले छात्रों ने अपनी जान की सुरक्षा को देखते हुए जगह खाली कर दी.
6 मंजिला बिल्डिंग में रहते थे 50 से 60 छात्र
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शहीद भगत सिंह कॉलेज के छात्रों ने इंडिया टूडे को बताया कि, जिस छह मंजिला बिल्डिंग में वे रह रहे थे, उसमें करीब 50 से 60 छात्र रहते थे. छात्रों ने बताया कि बिल्डिंग में कई जगह दरारें थीं. इसके अलावा लीकेज और दूसरी निर्माण से जुड़ी परेशानियां भी दिखाई दे रही थीं. बेसमेंट में रहने वाले छात्रों की चिंता सबसे ज्यादा थी. एक छात्र ने बताया कि उनके कमरों के आसपास कई दरारें थीं और वहां रहना लगातार डरावना लग रहा था. छात्रों का कहना है कि शुरुआत में PG मैनेजमेंट ने दरारों को मामूली बताया था. उनका दावा था कि ये दरारें काफी समय से थीं. लेकिन दीवार का एक हिस्सा गिरने और सत्य निकेतन की घटना के बाद छात्रों ने वहां रहना सुरक्षित नहीं समझा.
कॉलेज ने की रहने की व्यवस्था
छात्रों की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बिल्डिंग खाली कराने में मदद की. इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के लिए कंवेंशन हॉल और क्लासरूम में अस्थायी रहने की व्यवस्था की. छात्रों को गद्दे और जरूरत का दूसरा सामान भी दिया गया. कॉलेज के शिक्षकों के मुताबिक, छात्रों ने PG की हालत से जुड़े वीडियो प्रिंसिपल के साथ शेयर किए थे. इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत मदद की व्यवस्था शुरू की. कुछ शिक्षकों ने यह भी दावा किया कि बिल्डिंग की कुछ दरारों को वॉल पुट्टी से छिपाने की कोशिश की गई थी.
छात्रों ने की स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग
इस घटना के बाद छात्रों ने दिल्ली में प्राइवेट PG और किराए के फ्लैटों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. छात्रों की मांग है कि सभी PG का स्ट्रक्चरल ऑडिट, लाइसेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच होनी चाहिए. साथ ही फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी अनिवार्य की जाए. छात्रों ने ऐसी समस्याओं से जूझ रहे स्टूडेंट्स के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन और ज्यादा कॉलेज हॉस्टल बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि हॉस्टल की कमी के कारण बाहर से आने वाले छात्रों को मजबूरी में निजी PG पर निर्भर रहना पड़ता है. फिलहाल चिराग दिल्ली के इस PG से बाहर निकले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित और किफायती रहने की जगह ढूंढना है.
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