मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को हरी झंडी दिखा दी है. 28 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में पास हुई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद दी जाएगी. मुख्यमंत्री के अनुसार, लक्ष्मी योजना का पोर्टल 1 अगस्त को लॉन्च होगा और इसके लाइव होते ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
आवेदन कब करें?
दिल्ली लक्ष्मी योजना का आधिकारिक पोर्टल 1 अगस्त को लॉन्च किया जा रहा है. पोर्टल शुरू होते ही आप तुरंत अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकती हैं.
आवेदन कहां करें?
- पात्र महिलाएं दिल्ली सरकार के विशेष लक्ष्मी योजना पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकती हैं, जिसे 1 अगस्त से शुरू किया जा रहा है.
- आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं.
- वहां दिए गए आवेदन फॉर्म (Application Form) में मांगी गई जानकारी ध्यानपूर्वक भरें.
- अपने जरूरी दस्तावेज (Documents) स्कैन करके अपलोड करें.
- जानकारी जांचने के बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें.
- भविष्य के संदर्भ के लिए अपने भरे हुए फॉर्म की PDF फाइल सेव करें और उसका एक प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रख लें.
पात्रता की शर्तें (Eligibility)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- निवास: महिला कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी हो.
- आपराधिक रिकॉर्ड: महिला के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न हो.
- पारिवारिक सीमा: एक परिवार से केवल एक ही महिला इस योजना के लिए पात्र होगी.
- आयु सीमा: महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- आय सीमा: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.
17 लाख महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा
यह योजना 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रमुख वादों में से एक थी. अनुमान है कि इससे दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लगभग 17 लाख महिलाओं को संबल मिलेगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च में वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते समय इस योजना के लिए ₹5,100 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की थी.
अन्य राज्यों की सरकार की ऐसी ही योजनाएं
बीजेपी शासित राज्यों की योजनाएं:
बीजेपी ने अन्य राज्यों में भी ऐसी कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं:
- मध्य प्रदेश: ‘लाडली बहना योजना’
- महाराष्ट्र: ‘लड़की बहिन योजना’
(इन दोनों योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता सीधे महिलाओं के बैंक खातों में जमा की जाती है.)