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Home > क्राइम > Delhi: रूस-तुर्किये और अजरबैजान में नौकरी की चाहत रखने वाले हो जाएं सावधान! ठगी करने वाले गिरोह का हुआ खुलासा

Delhi: रूस-तुर्किये और अजरबैजान में नौकरी की चाहत रखने वाले हो जाएं सावधान! ठगी करने वाले गिरोह का हुआ खुलासा

Delhi Crime News: आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर विदेश में नौकरी का ऐड डालते थे. नौकरी पाने वाले लोगों से पासपोर्ट मंगवाकर उसकी स्कैन कॉपी पर फर्जी वीजा स्टाम्प तैयार करते थे. साथ ही नकली एयर टिकट और वेरिफिकेशन लिंक भेजकर भरोसा दिलाते थे.

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Last Updated: April 29, 2026 22:26:51 IST

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Delhi Crime: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी वीजा और विदेश नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय फर्जी वीजा और जॉब रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में ये खुलासा हुआ है कि यह गिरोह रूस, तुर्किये और अजरबैजान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहा था.

 क्राइम ब्रांच की टीम, इंस्पेक्टर संजय कौशिक के नेतृत्व में, सीक्रेट सूचना के आधार पर जांच कर रही थी. टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस बेस पर आरोपियों की एक्टिविटी का पता लगाया गया. इसके बाद दिल्ली के पीतमपुरा के पास एक प्लान सर्च ऑपरेशन के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

फेसबुक-व्हाट्सएप पर नौकरी का डालते थे ऐड

आरोपियों की पहचान बिहार के सलाउद्दीन मंसूरी उर्फ हैदर खान, यूपी के गाजियाबाद के मोहम्मद शहजाद और कुशीनगर के कौसर के रूप में हुई है. आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर विदेश में नौकरी का ऐड डालते थे. नौकरी पाने वाले लोगों से पासपोर्ट मंगवाकर उसकी स्कैन कॉपी पर फर्जी वीजा स्टाम्प तैयार करते थे. साथ ही नकली एयर टिकट और वेरिफिकेशन लिंक भेजकर भरोसा दिलाते थे.

वहीं पीड़ित जब पैसे जमा कर देते थे, तब आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे. बाद में पीड़ितों को पता चलता था कि उनके पासपोर्ट पर असली वीजा नहीं है और टिकट भी रद्द हो चुके हैं. जांच के दौरान 5 पीड़ितों के असली पासपोर्ट, 7 मोबाइल फोन, फर्जी वीजा, जॉब लेटर और टिकट से संबंधित डेटा सहित कैश और कई फर्जी पहचान पत्र व डेबिट कार्ड बरामद किया गया है.

पुलिस को मिली है 7 दिनों की रिमांड

मुख्य आरोपी खुद को कोलकाता की फर्जी कंपनी “सबा एंटरप्राइजेज” का एचआर मैनेजर बताता था. गिरोह देश के अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलकर काम करता था और हर सदस्य की भूमिका तय थी. मामले में एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 7 दिन की पुलिस रिमांड मिली है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की पहचान में जुटी है.

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Delhi Crime: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी वीजा और विदेश नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय फर्जी वीजा और जॉब रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में ये खुलासा हुआ है कि यह गिरोह रूस, तुर्किये और अजरबैजान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहा था.

 क्राइम ब्रांच की टीम, इंस्पेक्टर संजय कौशिक के नेतृत्व में, सीक्रेट सूचना के आधार पर जांच कर रही थी. टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस बेस पर आरोपियों की एक्टिविटी का पता लगाया गया. इसके बाद दिल्ली के पीतमपुरा के पास एक प्लान सर्च ऑपरेशन के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

फेसबुक-व्हाट्सएप पर नौकरी का डालते थे ऐड

आरोपियों की पहचान बिहार के सलाउद्दीन मंसूरी उर्फ हैदर खान, यूपी के गाजियाबाद के मोहम्मद शहजाद और कुशीनगर के कौसर के रूप में हुई है. आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर विदेश में नौकरी का ऐड डालते थे. नौकरी पाने वाले लोगों से पासपोर्ट मंगवाकर उसकी स्कैन कॉपी पर फर्जी वीजा स्टाम्प तैयार करते थे. साथ ही नकली एयर टिकट और वेरिफिकेशन लिंक भेजकर भरोसा दिलाते थे.

वहीं पीड़ित जब पैसे जमा कर देते थे, तब आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे. बाद में पीड़ितों को पता चलता था कि उनके पासपोर्ट पर असली वीजा नहीं है और टिकट भी रद्द हो चुके हैं. जांच के दौरान 5 पीड़ितों के असली पासपोर्ट, 7 मोबाइल फोन, फर्जी वीजा, जॉब लेटर और टिकट से संबंधित डेटा सहित कैश और कई फर्जी पहचान पत्र व डेबिट कार्ड बरामद किया गया है.

पुलिस को मिली है 7 दिनों की रिमांड

मुख्य आरोपी खुद को कोलकाता की फर्जी कंपनी “सबा एंटरप्राइजेज” का एचआर मैनेजर बताता था. गिरोह देश के अलग-अलग शहरों में ठिकाने बदलकर काम करता था और हर सदस्य की भूमिका तय थी. मामले में एफआईआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 7 दिन की पुलिस रिमांड मिली है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की पहचान में जुटी है.

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