आईआईटी दिल्ली में एमएससी फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार ने कैंपस के अंदर छठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. उसकी मां का कहना है कि वो मानसिक रूप से परेशान था.
मां ने बताया कि रात में बात करते समय वो काफी इमोशनल था. उसकी बात से ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत परेशान हो और उसके जीवन में सबकुछ खत्म होने वाला हो.
मां को किया था कॉल
आत्महत्या करने से एक रात पहले ऋषिकेश ने अपनी मां से बात की थी, जिसके अनुसार उनकी मानसिक स्थिति सही नहीं थी और वो काफी हताश थे. मृतक ऋषिकेश की मां ने बताया, “कल रात वो बहुत रोया और बोला, ‘मम्मी, मुझे बहुत तकलीफ हो रही है. मुझे आत्महत्या से भी डर लग रहा है; मैं वो भी नहीं कर पाऊंगा. मैं किसी काम का नहीं, किसी काम का नहीं. प्रतिभा होने के बावजूद मैं इस दुनिया में कुछ भी हासिल नहीं कर पा रहा. लगता है पिछले जन्म का कोई दोष है जो मुझे इतनी सफलता और प्रतिभा होने के बावजूद कुछ भी हासिल करने से रोक रहा है. मुझमें किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को पास करने की काबिलियत है, फिर भी मेरी पढ़ाई में रुकावटें आती रहती हैं. एक के बाद एक मुसीबत खड़ी होती रहती है – कुछ न कुछ होता ही रहता है – जिससे मेरी पढ़ाई रुक जाती है. अब मैं क्या करूं?'”
IIT कैंपस की छठी मंजिल से कूदकर दे दी जान
22 अगस्त को ऋषिकेश सुबह कैंपस के अंदर आये. उसके बाद संस्थान के परिसर में उन्होंने छठी मंजिल पर जाकर वहां से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. छात्र को तुरंत संस्थान के परिसर स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई आत्महत्या नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित की जेब से मिला मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और उसकी जांच की जा रही है.