Delhi Crime News: दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास स्थित 142 एकड़ के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोपी तीन लोगों को पहले भी कथित तौर पर हथियारों के साथ इलाके में घूमते और जोड़ों को परेशान करते देखा गया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई थी.
पुलिस ने बताया कि कक्षा 11 की छात्रा लड़की सोमवार को अपने 17वें जन्मदिन पर शाम करीब 7.15 से 7.30 बजे के बीच अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ पार्क में थी, जब तीनों ने कथित तौर पर उन्हें एक सुनसान जगह पर निशाना बनाया. पुलिस ने आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय आसिफ और 24 वर्षीय मुकेश सिंह और 31 वर्षीय हेमंत सिंह के रूप में की है.
कभी दर्ज नहीं हुई शिकायत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पार्क के कर्मचारियों, गार्डों, पास के गोदाम के कर्मचारियों और नियमित आगंतुकों ने आसिफ को स्थानीय उपद्रवी के रूप में पहचाना था. कई लोगों ने मौखिक रूप से शिकायत की थी कि उसे अक्सर चाकू लिए देखा जाता था. यह भी आरोप थे कि तीनों व्यक्ति पार्क में जोड़ों को परेशान करते थे, लेकिन इन शिकायतों की कभी भी आधिकारिक तौर पर पुलिस में रिपोर्ट नहीं की गई.
खबरों के मुताबिक, एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आसिफ और उसके साथियों को ओखला मंडी इलाके से चाकू लेकर आते और रात में पार्क में घूमते देखा गया था. अधिकारी ने कहा, “वे पार्क में नियमित रूप से आते हैं.” आस्था कुंज सामूहिक बलात्कार मामले के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने वहां अन्य महिलाओं को भी इसी तरह निशाना बनाया था.
शिकार की तलाश में घूमते थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, तीनों व्यक्ति लगभग 45 मिनट तक शिकार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे, तभी उनकी नज़र एक सुनसान इलाके में बैठे दो नाबालिगों पर पड़ी. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें आसान शिकार समझा और कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर उन्हें धमकाने का फैसला किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों के पास कम से कम दो हथियार थे, जिनमें एक बंदूक और एक चाकू शामिल थे, साथ ही कंडोम भी थे. दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें शक है कि यह सुनियोजित घटना थी.” पुलिस आस्था कुंज सामूहिक बलात्कार के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने के लिए पार्क कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है.
गोलीबारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुईं गिरफ्तारियां
मंगलवार तड़के करीब 6 बजे अमर कॉलोनी से संक्षिप्त गोलीबारी के बाद आसिफ को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उसके पास से एक बिना लाइसेंस वाली बंदूक और एक चाकू बरामद किया. मुकेश और हेमंत को बाद में श्री निवासपुरी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने पार्क के आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद से उनकी गतिविधियों का पता लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया, “आसिफ को स्थानीय लोगों से पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है और उसने भागने का फैसला किया, जबकि दोनों भाई इधर-उधर घूम रहे थे.” पहले वे एक रेस्टोरेंट गए और बाद में घर लौट आए, जहां उन्होंने सबूत मिटाने के लिए अपने कपड़े धोए. जब पुलिस ने उन्हें सुबह करीब 7 बजे गिरफ्तार किया, तो धुले हुए कपड़े पास ही मिले.
फोन से डिलीट हुआ डेटा
पुलिस ने मुकेश का फोन जब्त किया और पाया कि उसमें से हाल ही में बड़ी मात्रा में मीडिया सामग्री डिलीट की गई थी. अधिकारी ने कहा, “फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) डेटा रिकवर करने की कोशिश करेगी.” पुलिस को आसिफ के फोन में भी आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री मिली है और उन्होंने एफएसएल से रिपोर्ट जमा करने को कहा है.
खबरों के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि आसिफ के पास कथित तौर पर कई सालों से पुराना, बिना लाइसेंस वाला हथियार था. पुलिस हेमंत के इस दावे की पुष्टि कर रही है कि उसने रोहतक के एक सरकारी विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और 2014-2015 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है कि गढ़ी गांव के पास एक जिम ने लगभग एक महीने पहले उसे जिम से निकाल दिया था, क्योंकि जिम प्रबंधन को उसके व्यवहार के बारे में महिलाओं से कई शिकायतें मिली थीं. वहीं मुकेश पलवल के एक कॉलेज में बीएससी (गणित) का अंतिम वर्ष का छात्र है.