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अलमारी का बोझ बन रहे हैं कपड़े, इन मेट्रो स्टेशन पर कर सकेंगे डोनेट, शुरू हुई पहल

अगर आपकी अलमारी में पुराने कपड़ों की भरमार है और आप उन्हें हटाना चाहते हैं, तो आप दिल्ली मेट्रो पर दान कर सकते हैं. दिल्ली सरकार की तरफ से ये योजना शुरू की गई है. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक मेट्रो स्टेशन पर ही दो दिनों में 100 किलो कपड़े दान किए जा चुके हैं.

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Last Updated: August 6, 2026 17:02:59 IST

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Delhi Metro: अकसर घरों में जैसे ही अलमारी खोली जाती हैं, तो कपड़े भरभराकर जमीन पर आ जाते हैं. अब पुराने कपड़े आपकी अलमारी का बोझ नहीं बनेंगे. इन कपड़ों को दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर दान किया जा सकता है. दरअसल, दिल्ली सरकार ने इन कूड़ेदान या लैंडफिल साइट तक पहुंचने से रोकने के लिए एक पहल शुरू की है, जिसका नाम ‘अर्पण योजना’ रखा गया है. इस योजना के तहत आप दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर कपड़े दान कर सकेंगे. 

इन 10 मेट्रो स्टेशन पर शुरू हुई सुविधा

जानकारी के अनुसार, 3 अगस्त से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज 1 मेट्रो स्टेशन पर पहला अर्पण केंद्र शुरू हो गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी और दूसरी सहयोगी कंपनियों के सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर इस योजना की शुरुआत की है. पहले टरण में दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशन पर अर्पण केंद्र शुरू किए हैं. ये सुविधा मयूर विहार फेज 1, पंजाबी बाग वेस्ट, शालीमार बाग, हौज खास, लाजपत नगर, रोहिणी, शाहदरा, द्वारका, मालवीय नगर और मोहन एस्टेट जैसे स्टेशनों पर शुरू की गई है.

कैसे करें डोनेट?

अगर आप भी अपने पुराने कपड़े दान करने का मन बना रहे हैं, तो बड़ी ही आसानी से अपने कपड़े दान कर सकेंगे. इन केंद्रों पर एक स्कैनर लगाया गया है. अपने पुराने कपड़े दान करने के लिए आपको उसे स्कैन करना होगा. इसे स्कैन करने के बाद एक छोटा सा फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म में आपका नाम, मोबाइल नंबर और आपके कपड़े कितने किलो हैं, वो दर्ज करना होगा. आप सुबह 8 बजे से शाम के 6 बजे तक साफ और पहनने योग्य पुराने कपड़े वहां पर दान कर सकेंगे.

पुराने कपड़ों को क्या होता है?

इन कपड़ों को सबसे पहले छांटा जाता है और जो कपड़े अच्छी कंडीशन में होते हैं, वे जरूरतमंद लोगों को दान किए जाते हैं. बाकी के कपड़ों को रीसायकल या अपसायकल करने के बाद इनसे बैग, कपड़े, धागे और दूसरे जरूरी सामान बनाए जाते हैं. 

दो दिन में दान हुए 100 किलो कपड़े

मयूर विहार कियोस्क की तरफ से जानकारी दी गई है कि लोगों ने केवल दो दिनों में 100 किलो से ज्यादा कपड़े दान किए हैं. ऐसे में अगर आपके पास भी ऐसे कपड़े हैं, जो आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उन्हें कूड़े में फेंकने की बजाय आप नजदीकी अर्पण केंद्र पर दान कर सकते हैं.

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Delhi Metro: अकसर घरों में जैसे ही अलमारी खोली जाती हैं, तो कपड़े भरभराकर जमीन पर आ जाते हैं. अब पुराने कपड़े आपकी अलमारी का बोझ नहीं बनेंगे. इन कपड़ों को दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर दान किया जा सकता है. दरअसल, दिल्ली सरकार ने इन कूड़ेदान या लैंडफिल साइट तक पहुंचने से रोकने के लिए एक पहल शुरू की है, जिसका नाम ‘अर्पण योजना’ रखा गया है. इस योजना के तहत आप दिल्ली के मेट्रो स्टेशन पर कपड़े दान कर सकेंगे. 

इन 10 मेट्रो स्टेशन पर शुरू हुई सुविधा

जानकारी के अनुसार, 3 अगस्त से पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज 1 मेट्रो स्टेशन पर पहला अर्पण केंद्र शुरू हो गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी और दूसरी सहयोगी कंपनियों के सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर इस योजना की शुरुआत की है. पहले टरण में दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशन पर अर्पण केंद्र शुरू किए हैं. ये सुविधा मयूर विहार फेज 1, पंजाबी बाग वेस्ट, शालीमार बाग, हौज खास, लाजपत नगर, रोहिणी, शाहदरा, द्वारका, मालवीय नगर और मोहन एस्टेट जैसे स्टेशनों पर शुरू की गई है.

कैसे करें डोनेट?

अगर आप भी अपने पुराने कपड़े दान करने का मन बना रहे हैं, तो बड़ी ही आसानी से अपने कपड़े दान कर सकेंगे. इन केंद्रों पर एक स्कैनर लगाया गया है. अपने पुराने कपड़े दान करने के लिए आपको उसे स्कैन करना होगा. इसे स्कैन करने के बाद एक छोटा सा फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म में आपका नाम, मोबाइल नंबर और आपके कपड़े कितने किलो हैं, वो दर्ज करना होगा. आप सुबह 8 बजे से शाम के 6 बजे तक साफ और पहनने योग्य पुराने कपड़े वहां पर दान कर सकेंगे.

पुराने कपड़ों को क्या होता है?

इन कपड़ों को सबसे पहले छांटा जाता है और जो कपड़े अच्छी कंडीशन में होते हैं, वे जरूरतमंद लोगों को दान किए जाते हैं. बाकी के कपड़ों को रीसायकल या अपसायकल करने के बाद इनसे बैग, कपड़े, धागे और दूसरे जरूरी सामान बनाए जाते हैं. 

दो दिन में दान हुए 100 किलो कपड़े

मयूर विहार कियोस्क की तरफ से जानकारी दी गई है कि लोगों ने केवल दो दिनों में 100 किलो से ज्यादा कपड़े दान किए हैं. ऐसे में अगर आपके पास भी ऐसे कपड़े हैं, जो आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उन्हें कूड़े में फेंकने की बजाय आप नजदीकी अर्पण केंद्र पर दान कर सकते हैं.

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