NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए छात्रों के लिए नागालैंड से एक ऐसा सरप्राइज आया, जिसने पूरे देशवासियों का दिल जीत लिया है. सोशल मीडिया पर कई ऐसी वीडियो सामने आई थी जिसमें लोग घर बैठे जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों के लिए फूड डिलीवरी करा रहे हैं. अब आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली से करीब 2,000 किलोमीटर दूर नागालैंड में बैठे एक शख्स ने इन प्रदर्शनकारी छात्रों का पेट भरने के लिए पूरे 150 चीज बर्स्ट पिज्जा और बिस्किट का ऑर्डर दे दिया. सोशल मीडिया पर इस भारी-भरकम फूड बिल की फोटो जैसे ही सामने आते ही लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
नागालैंड से दिल्ली, स्टूडेंट्स तक पहुंचा प्यार
झा-ल्हौ (Zha-Lhou) नाम के इस सख्स ने जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों के लिए 22 जुलाई की शाम को डोमिनोज़ (Domino’s) से पिज्जा का बड़ा ऑर्डर प्लेस किया. उन्होंने सिर्फ सिंपल पिज्जा नहीं मंगाए, बल्कि खास कोरियन स्वीट चिली चीज बर्स्ट और फार्महाउस चीज बर्स्ट पिज्जा आर्डर किए, जिनकी कुल कीमत ₹67,734.18 आई.
इंस्टाग्राम पर शेयर किया स्क्रीनशॉट
झा-ल्हौ ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट @adiespoems पर बिल का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है जिसमें-
पिज्जा का टोटल प्राइज: ₹64,650
जीएसटी और पैकेजिंग: ₹3,227.28
कूपन डिस्काउंट (DOMDEAL200): -₹200
टोटल पेमेंट: ₹67,734.18
बच्चों के लिए ऑर्डर किए बिस्किट
पिज्जा ऑर्डर के दो दिन बाद, 24 जुलाई को झा-ल्हो ने छात्रों के लिए ₹5,000 के बिस्किट भी अलग से भिजवाए यानी कुल मिलाकर करीब 73,000 रुपये के खर्चे में उन्होंने प्रोटेस्ट को इनडायरेक्ट सपोर्ट किया और वहां कई दिनों से बैठे बच्चों के खाने का इंतजाम किया.
जो भूखा दिखे, उसे पिज्जा दे देना…
डोमिनोज के डिलीवरी बॉय ने पिज्जा डिलीवरी के लिए जंतर-मंतर पहुचकर झा-ल्हौ को फोन किया और पूछा कि यह ऑर्डर किसे सौंपना है, तो नागालैंड के इस शख्स ने बेहद सादगी से कहा कि ‘जो भी वहां भूखा दिखे या जिसने खाना न खाया हो, बस उसे यह पिज्जा दे देना.’

इंस्टाग्राम पर बताई मदद की वजह
अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में झा-ल्हौ ने लिखा कि ‘मैं यहां नागालैंड में बैठा हूं, जबकि हजारों छात्र अपने घरों से दूर जंतर-मंतर पर अपने बेहतर भविष्य और निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. मैं खुद उनके साथ वहां खड़ा नहीं हो सकता था, इसलिए मुझसे जो बन पड़ा, मैंने किया.’
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सब तारीफ पाने के लिए नहीं कर रहे, बल्कि उनका मकसद सिर्फ इतना है कि इसे देखकर दूसरे लोग भी अपनी क्षमता के हिसाब से इन छात्रों की मदद के लिए आगे आएं.