पूर्व मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से फर्जी नाम और छिपी हुई पहचान के साथ गाजियाबाद में रह रहा था.
25 साल से चल रहा था फरार
पुलिस के अनुसार, सलीम वास्तिक हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में वांटेड था और दिल्ली की एक अदालत उसे दोषी भी ठहरा चुकी है. जांच में उसकी असली पहचान सलीम खान के रूप में सामने आई है, जो नूर हसन का बेटा और शामली के नानूपुरा गांव का रहने वाला है. वह पिछले करीब 25 वर्षों से फरार चल रहा था. उसके खिलाफ दिल्ली के गोकलपुरी थाने में अपहरण, जबरन वसूली और हत्या के कई मामले दर्ज हैं.
कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
साल 1995 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण करके सलीम वास्तिक ने हत्या कर दी थी. इस मामले में उसे दोषी पाया गया. जिसके तहत साल 1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुना दी. फिर तीन साल बाद साल 2000 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत दी, जिसके बाद वह फरार हो गया और कभी नहीं लौटा.
पुलिस ने कैसे पता लगाया?
फरार होने के बाद उसने अपने आपको मृत घोषित कर दिया और अपनी पहचान सलीम खान से सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक कर ली. इसके बाद इधर-उधर घूमता रहा. इतना ही नहीं, उसने एक्स मुस्लिम होकर सोशल मीडिया पर वीडियोज बनाने लगा, जिससे वह और चर्चित हो गया. फिर वह गाजियाबाद के लोनी में जाकर रहने लगा और बिजनेस भी करने लगा. लेकिन पुलिस कई सालों की उसकी खोजबीन कर रही थी. धीरे-धीरे उसी पहचान, फिंगर प्रिंट के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.