गुजरात के सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद समेत राज्य की सभी 15 महानगर पालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत मिली है. और विपक्षी का सूपड़ा साफ कर दिया. भाजपा की तरफ से कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे थे, जिसमें बहुतों ने इतिहास रच दिया. लेकिन कुछ ऐसे भी कैंडिडेट रहे, जो जीत नहीं हासिल कर सके. इस सूची में IPS की नौकरी से इस्तीफा देकर आए मनोज निनामा का नाम शामिल है, जो अपनी सीट हार गए.
किससे हारे चुनाव?
IPS की नौकरी छोड़कर चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाने उतरे मनोज निनामा गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में में उतरे थे. वह अरावली के शामलाजी तालुका के ओध जिला पंचायत सीट से चुनाव लड़ रहे थे. लेकिन बीजेपी की लहर के बावजूद वो अपनी सीट नहीं बचा सके.
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कौन हैं मनोज निनामा?
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव से पहले गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे मनोज निनामा ने चुनाव से पहले वीआरएस दे दिया था. इसके बाद वह बीजेपी में चले गए और पार्टी ने उन्हें आखिरी समय में अरावली के शामलाजी तालुका के ओध जिला पंचायत सीट से उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया. उनके आते ही राजनीति की दुनिया में हलचल मच गई और इस पर उनकी जीत पक्की मानी जा रही थी. लेकिन वह जीत नहीं सके.
क्या रहा चुनाव का रिजल्ट?
सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद समेत राज्य की सभी 15 महानगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत मिली है. अगर राजकोट महानगरपालिका की बात की जाए, तो यहां कुल 72 सीटों में भाजपा ने 65 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है. कांग्रेस को यहां 7 सीटें मिली हैं. वडोदरा महानगरपालिका की 76 सीटों में से भाजपा ने 49 सीटें जीती हैं, कांग्रेस को 6 सीटें मिली हैं, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है.