Live
Search
Home > राज्य > हरियाणा > शिक्षा मंत्री के आवास को घेरने की तैयारी, अगले महीने की ‘इस तारीख’ को प्रदेश भर की हजारों मिड डे मील वर्कर्स मांगों को लेकर करेंगी विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन

शिक्षा मंत्री के आवास को घेरने की तैयारी, अगले महीने की ‘इस तारीख’ को प्रदेश भर की हजारों मिड डे मील वर्कर्स मांगों को लेकर करेंगी विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू राज्य कमेटी के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास 3 अगस्त 2025 को राज्य भर कि हजारों मिड डे मील वर्कर्स द्वारा होने वाले विरोध प्रदर्शन की तैयारी को लेकर सीटू जिला कार्यालय, कामरेड शिव वर्मा स्मारक भवन, गीता कॉलोनी पानीपत में पानीपत जिला की मिड डे मील वर्कर्स की आम सभा की बैठक आयोजित की गई।

Written By: Anurekha Lambra
Last Updated: July 20, 2025 20:01:12 IST

India News (इंडिया न्यूज), Mid Day Meal Workers Union : मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा संबंधित सीटू राज्य कमेटी के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के आवास 3 अगस्त 2025 को राज्य भर कि हजारों मिड डे मील वर्कर्स द्वारा होने वाले विरोध प्रदर्शन की तैयारी को लेकर सीटू जिला कार्यालय, कामरेड शिव वर्मा स्मारक भवन, गीता कॉलोनी पानीपत में पानीपत जिला की मिड डे मील वर्कर्स की आम सभा की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान निर्मला अहलावत ने की और बैठक का संचालन जिला सचिव कविता ने किया। 

आज तक कोई बातचीत का समय नहीं दिया गया

बैठक को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की राज्य उपप्रधान शरबती में संबोधित करते हुए कहा कि हम अपनी मांगों को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को कई बार लिखित में मांग पत्र दे चुके हैं और मांगों पर बातचीत के लिए समय दिया जाए कई बार कोशिश कर चुके हैं उसके बाद मंत्री द्वारा समय में देने के चलते 12 अप्रैल 2025 को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के आवास पर पानीपत के अंदर किया जा चुका है और उसे समय को लेते हुए शिक्षा मंत्री के प्रतिनिधि के रूप में उनके बड़े भाई हरपाल ढांडा ने कहा कि मंत्री जी से जल्दी समय लेकर आपकी मांगों पर बातचीत करवाई जाएगी। लेकिन आज तक कोई बातचीत का समय नहीं दिया गया। 

You Might Be Interested In

भाजपा सरकार लंबे समय से आर्थिक शोषण कर रही

इससे सरकार की तानाशाही झलकती है कि वह जानबूझकर समय ही नहीं देना चाहते जिसको लेकर हरियाणा की मिड डे मील वर्कर्स में भारी गुस्सा है। मुख्यमंत्री को भी कई बार मिड डे मील वर्कर्स क्या मांग पत्र भेज चुके हैं। राज्य कमेटी ने निर्णय लेते हुए कहा कि राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन से पहले 21 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक हरियाणा के सभी विधायकों को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला कमेटी के नेतृत्व में मांग पत्र दिए जाएंगे।उन्होंने कहा कि मिड डे मील वर्कर्स का केंद्र में राज्य की भाजपा सरकार लंबे समय से आर्थिक शोषण कर रही है।

मांगों को लेकर लगातार संघर्ष जारी

केवल 7000 रुपए मासिक मानदेय में कार्य करवाती है और यह मानदेय भी केवल 10 महीने मिलता है। यूनियन की मांग लगातार यही है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए कम से कम न्यूनतम वेतन 26000 रुपए मासिक किया जाए और 12 महीने का मानदेय दिया जाए। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा, ईएसआई, पीएफ की सुविधा दी जाए। शिक्षा विभाग के चौथे दर्जे के कर्मचारी घोषित किए जाएं। कई महीना में मानदेय मिलता है समय पर दिया जाए। खाना बनाने के अलावा अन्य कार्य बगैर के रूप में मिड डे मील वर्कर से लेना बंद किया जाए आदि मांगों को लेकर लगातार संघर्ष जारी है। 

3 अगस्त को घेराव करेंगे

मिड डे मील वर्कर्स कि राज्य कमेटी में हरियाणा के शिक्षा मंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि हरियाणा की हजारों की संख्या में मिड डे मील वर्कर्स आपके आवास पानीपत का 3 अगस्त को घेराव करेंगे और जब तक मांगों पर बातचीत के लिए समय नहीं दिया जाएगा तब तक उनके आवास के सामने पड़ाव डाला जा सकता है। 

आर्थिक शोषण किसी हालत में भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की आम सभा की बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के जिला उप प्रधान रामकुमार यादव और अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक ने भाजपा की हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं का आर्थिक शोषण किसी हालत में भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बीजेपी सरकार बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ के झूठे वादे करने से बढ़ जाए। तुरंत मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के राज्य नेत्र से बातचीत का समय दिया जाए वरना मिड डे मील वर्कर्स के इस आंदोलन में किसान मजदूर कर्मचारी सभी संगठनों के कार्यकर्ता सक्रियता से समर्थन करते हुए आंदोलन में शामिल होंगे इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

MORE NEWS