Katni News: गुटखा कैंसर का सबसे बड़ा कारण है. साथ ही कई अन्य बीमारियों को जन्म देता है, यह जानते हुए भी लोग दिनभर मुंह में गुटखा दबाए रखते हैं. लगातार प्रयास के बावजूद लोग गुटखा नहीं छोड़ते. कई लोगों को इसकी लत इस कदर लग जाती है कि कोई भी चीज बेकार लगती है. यही नहीं, कई घरों में यह विवाद की वजह भी बन जाता है. ऐसा ही एक मामला में कटनी जिले के रीठी तहसील क्षेत्र से आया है. यहां एक चिंताजनक घटना सामने आई है.
पिता की डांट पर बेटा ने उठाया खौफनाक कदम
बता दें कि, रीठी तहसील की सीमा से लगे नागचांद गांव में पिता की डांट से नाराज एक 15 वर्षीय किशोर ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, किशोर को उसके पिता ने गुटका खाने से मना किया था. इसी बात से नाराज होकर उसने गुस्से में घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया. कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया.
जिला अस्पताल में उपचार जारी
परिजन तत्काल किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया. हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है. यह घटना परिवारों में संवाद, समझदारी और बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर बच्चे ऐसे गंभीर कदम न उठाएं.
ऐसे छुड़ा सकते हैं गुटका की लत
आयुर्वेद के अनुसार, गुटखा छोड़ने के लिए नींबू और हरड़ भी काफी कारगर होता है. थोड़ी सी हरड़ को नींबू के रस में मिलाकर रख दें. इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें और इसे दो दिन के लिए छोड़ दें. फिर इस मिश्रण को छांव में सुखा लें और गुटखे की जगह इसका सेवन करें. ऐसा करने से भी गुटखे की तलब कम हो जाती है. हालांकि इस दौरान लोगों को काफी सावधानी बरतने की भी जरूरत है.
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