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Home > राज्य > मध्य प्रदेश > ITI Scandal: इंसान हूं जानवर नहीं… 8 घंटे का झांसा देकर 16 घंटे कराया काम, छात्रों ने भागकर बचाई जान!

ITI Scandal: इंसान हूं जानवर नहीं… 8 घंटे का झांसा देकर 16 घंटे कराया काम, छात्रों ने भागकर बचाई जान!

Rewa ITI Scandal: मध्य प्रदेश के रीवा के दो प्राइवेट ITI कॉलेजों से सनसनीखेज मामला सामने आया है. इन कॉलेजों के छात्रों का कहना है कि उन्हें ट्रेनिंग प्रोजेक्ट के बहाने गुजरात ले जाया गया, जहां पर उनसे मजदूरी करवाई गई.

Written By: Ankush Upadhyay
Last Updated: April 22, 2026 16:37:25 IST

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रीवा: जिले के दो निजी ITI कॉलेजों से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मातेश्वरी ITI और पार्वती ITI के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यलय में ASP को शिकायत सौंपी है. छात्रों का कहना है कि उन्हें ट्रेनिंग प्रोजेक्ट के बहाने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर बंधक बनाया गया और उनसे 16-16 घंटे जबरन मजदूरी कराई गई.

वादा 8 घंटे का, काम लिया 16 घंटे

पीड़ित छात्र हनुमान प्रसाद कोल सहित अन्य छात्रों ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उन्हें कॉलेज की ओर से ट्रेनिंग के लिए गुजरात भेजा गया था. कॉलेज प्रबंधन ने वादा किया था कि उन्हें वहां केवल 8 घंटे काम करना होगा और रहना-खाना पूरी तरह मुफ्त रहेगा. लेकिन अहमदाबाद पहुँचते ही हकीकत कुछ और ही निकली. छात्रों से 16 घंटे काम लिया गया और कमरे के किराए के नाम पर 1500 रुपये की अवैध वसूली की गई.

1500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से हमें बेचा गया

शिकायती पत्र में छात्रों ने कॉलेज के शिक्षकों और मैनेजर पर मानव तस्करी का संगीन आरोप लगाया है. छात्रों का दावा है कि जब उन्होंने वहां की बदहाली की सूचना कॉलेज स्टाफ पुष्पेंद्र पटेल, गौरव सिंह, संतोष सिंह परिहार एवं अजय सिंह पटेल को दी, तो उन्होंने मदद करने के बजाय कहा हमें वहां से कमीशन मिलता है, तुम्हें वहीं काम करना होगा.” छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने उन्हें 1500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से कंपनी को बेच दिया था.

विरोध करने पर फेल करने की धमकी

छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने काम करने से मना किया, तो उन्हें भविष्य बर्बाद करने और परीक्षा में फेल/अनुत्तीर्ण करने की धमकी दी गई. छात्र वहां भूखे-प्यासे रहने को मजबूर थे और किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस रीवा लौटे हैं.

आज बुधवार को भारी संख्या में छात्र एसपी कार्यालय पहुँचे और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. छात्रों ने स्पष्ट कहा है कि यह सीधे तौर पर मानव तस्करी का मामला है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कॉलेज प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी लेने के लिए मातेश्वरी और पार्वती आईटीआई में संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाया है अभी कॉलेज प्रबंधन का पक्ष आना बाकी है . इस पूरे मामले में रीवा जिले के ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताये कि कुछ छात्रों के द्वारा शिकायत पत्र दिया गया जिसकी हम जांच करेंगे जांच में जो तथ्य सामने आएंगा उन धाराओं पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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रीवा: जिले के दो निजी ITI कॉलेजों से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. मातेश्वरी ITI और पार्वती ITI के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यलय में ASP को शिकायत सौंपी है. छात्रों का कहना है कि उन्हें ट्रेनिंग प्रोजेक्ट के बहाने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर बंधक बनाया गया और उनसे 16-16 घंटे जबरन मजदूरी कराई गई.

वादा 8 घंटे का, काम लिया 16 घंटे

पीड़ित छात्र हनुमान प्रसाद कोल सहित अन्य छात्रों ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उन्हें कॉलेज की ओर से ट्रेनिंग के लिए गुजरात भेजा गया था. कॉलेज प्रबंधन ने वादा किया था कि उन्हें वहां केवल 8 घंटे काम करना होगा और रहना-खाना पूरी तरह मुफ्त रहेगा. लेकिन अहमदाबाद पहुँचते ही हकीकत कुछ और ही निकली. छात्रों से 16 घंटे काम लिया गया और कमरे के किराए के नाम पर 1500 रुपये की अवैध वसूली की गई.

1500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से हमें बेचा गया

शिकायती पत्र में छात्रों ने कॉलेज के शिक्षकों और मैनेजर पर मानव तस्करी का संगीन आरोप लगाया है. छात्रों का दावा है कि जब उन्होंने वहां की बदहाली की सूचना कॉलेज स्टाफ पुष्पेंद्र पटेल, गौरव सिंह, संतोष सिंह परिहार एवं अजय सिंह पटेल को दी, तो उन्होंने मदद करने के बजाय कहा हमें वहां से कमीशन मिलता है, तुम्हें वहीं काम करना होगा.” छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने उन्हें 1500 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से कंपनी को बेच दिया था.

विरोध करने पर फेल करने की धमकी

छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने काम करने से मना किया, तो उन्हें भविष्य बर्बाद करने और परीक्षा में फेल/अनुत्तीर्ण करने की धमकी दी गई. छात्र वहां भूखे-प्यासे रहने को मजबूर थे और किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस रीवा लौटे हैं.

आज बुधवार को भारी संख्या में छात्र एसपी कार्यालय पहुँचे और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की. छात्रों ने स्पष्ट कहा है कि यह सीधे तौर पर मानव तस्करी का मामला है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कॉलेज प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जानकारी लेने के लिए मातेश्वरी और पार्वती आईटीआई में संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो पाया है अभी कॉलेज प्रबंधन का पक्ष आना बाकी है . इस पूरे मामले में रीवा जिले के ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताये कि कुछ छात्रों के द्वारा शिकायत पत्र दिया गया जिसकी हम जांच करेंगे जांच में जो तथ्य सामने आएंगा उन धाराओं पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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