मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में साईं मंदिर के पीछे गौवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठनों की गुस्सा फूट पड़ा. इसके कारण बुधवार को शहर में सांप्रदायिक तनाव और भारी आक्रोश की स्थिति बन गई. गौवंश को न्याय दिलाने के लिए पहले हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया, फिर गौवंश की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालके सख्त कार्रवाई की मांग की. आगर मालवा के वार्ड नंबर-19 से मिले गोवंशों के बिखरे अवशेषों को समेटने के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सैकड़ों कार्यकर्ता जब प्रदर्शन करने लगे तो पुलिस ने मामले को समझा-बुझाके शांत कराया और जांच का आश्नासन दिया.
गोवंश हत्या के खिलाफ विरोध
हिंदू संगठनों द्वारा निकाली गई प्रतीकात्मर शव यात्रा शहर के प्रमुख इलाकों से होते हुए छावनी नाके पर पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने गोवंश के हत्या दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की.
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में गोवंश के शेष अवशेषों की तलाश कर विधि-विधान से अंतिम संस्कार, पोस्टमार्टम के माध्यम से मौत के कारणों का पता लगाना, और यदि हत्या की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है.
पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
शहर में गोवंश हत्या के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मिलिंद ढोके, मोतीलाल कुशवाह सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया.
पोस्टमार्टम से खुलेंगे राज
एसडीओपी ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को शाम 4 बजे तक का समय दिया. वहीं, एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया कि शेष अवशेषों की तलाश जारी है और पोस्टमार्टम के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएंगे. रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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