Live TV
Search
Home > राज्य > मध्य प्रदेश > न कोई इंसान, न कोई रिश्ता.. श्री ठाकुर जी को चुना अपना वर, खुद बन गई ‘मीरा’, नम आंखों से भाई ने किया कन्यादान!

न कोई इंसान, न कोई रिश्ता.. श्री ठाकुर जी को चुना अपना वर, खुद बन गई ‘मीरा’, नम आंखों से भाई ने किया कन्यादान!

मध्य प्रदेश के मोरैना जिले में महिला ने भक्ति की एक अनोखी मिसाल पेश की है. खड़ियाहार गांव में 42 वर्षीय रेखा तोमर ने भगवान श्री ठाकुर जी महाराज को अपना जीवनसाथी मानकर पूरे विधि-विधान से विवाह रचाया है, जहां महिला के भाई ने कन्यादान किया और इसी के साथ विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ. जानें इस आध्यात्मिक मिलन की पूरी कहानी-

Written By:
Last Updated: April 26, 2026 20:08:56 IST

Mobile Ads 1x1

मुरैना जिले के ग्राम खड़ियाहार में भक्ति, समर्पण और आस्था का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां 42 वर्षीय रेखा तोमर ने वैदिक रीति-रिवाजों और पूरे विधि-विधान के साथ श्री ठाकुर जी महाराज को अपना जीवनसाथी मानते हुए विवाह रचा लिया। यह अद्वितीय आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आध्यात्मिक मिलन

जानकारी के अनुसार, रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से भगवान श्री ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं। उन्होंने अपना जीवन प्रभु की सेवा और आराधना को समर्पित करने का संकल्प लिया था। इसी भावना के तहत उन्होंने खड़ियाहार स्थित प्राचीन देवालय में विराजमान श्री ठाकुर जी महाराज को अपना दूल्हा मानकर यह आध्यात्मिक विवाह संपन्न किया।

हिंदू रीति -रिवाजों से शादी

विवाह समारोह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया। मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं। लग्न पत्रिका वाचन, प्रधान पूजन, पैर पूजन सहित सभी पारंपरिक अनुष्ठानों का विधिपूर्वक निर्वहन किया गया।

भाई ने किया कन्यादान

इस विशेष अवसर पर रेखा तोमर का कन्यादान उनके भाई सुरेंद्र ने किया, जो समारोह का अत्यंत भावुक क्षण रहा। आयोजन में गांव के अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें केशव प्रसाद भारद्वाज, मालिक शर्मा, ज्ञानसिंह तोमर, रामरूप डण्डोंतिया, रामराज तोमर, गुड्डी परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

प्रेम की अनूठी मिसाल

समारोह के दौरान भजन-कीर्तन और “राधे-राधे” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। ग्रामीणों ने इसे आस्था, समर्पण और आध्यात्मिक प्रेम की अनूठी मिसाल बताया। क्षेत्र में इस प्रकार का आयोजन विरले ही देखने को मिलता है, जिससे यह आध्यात्मिक विवाह लोगों के बीच आकर्षण, श्रद्धा और चर्चा का केंद्र बन गया है।

Disclaimer: The article is a part of a syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for the accuracy of the facts.

MORE NEWS

Home > राज्य > मध्य प्रदेश > न कोई इंसान, न कोई रिश्ता.. श्री ठाकुर जी को चुना अपना वर, खुद बन गई ‘मीरा’, नम आंखों से भाई ने किया कन्यादान!

Written By:
Last Updated: April 26, 2026 20:08:56 IST

Mobile Ads 1x1

मुरैना जिले के ग्राम खड़ियाहार में भक्ति, समर्पण और आस्था का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां 42 वर्षीय रेखा तोमर ने वैदिक रीति-रिवाजों और पूरे विधि-विधान के साथ श्री ठाकुर जी महाराज को अपना जीवनसाथी मानते हुए विवाह रचा लिया। यह अद्वितीय आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

आध्यात्मिक मिलन

जानकारी के अनुसार, रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से भगवान श्री ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं। उन्होंने अपना जीवन प्रभु की सेवा और आराधना को समर्पित करने का संकल्प लिया था। इसी भावना के तहत उन्होंने खड़ियाहार स्थित प्राचीन देवालय में विराजमान श्री ठाकुर जी महाराज को अपना दूल्हा मानकर यह आध्यात्मिक विवाह संपन्न किया।

हिंदू रीति -रिवाजों से शादी

विवाह समारोह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया। मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं। लग्न पत्रिका वाचन, प्रधान पूजन, पैर पूजन सहित सभी पारंपरिक अनुष्ठानों का विधिपूर्वक निर्वहन किया गया।

भाई ने किया कन्यादान

इस विशेष अवसर पर रेखा तोमर का कन्यादान उनके भाई सुरेंद्र ने किया, जो समारोह का अत्यंत भावुक क्षण रहा। आयोजन में गांव के अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें केशव प्रसाद भारद्वाज, मालिक शर्मा, ज्ञानसिंह तोमर, रामरूप डण्डोंतिया, रामराज तोमर, गुड्डी परमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

प्रेम की अनूठी मिसाल

समारोह के दौरान भजन-कीर्तन और “राधे-राधे” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। ग्रामीणों ने इसे आस्था, समर्पण और आध्यात्मिक प्रेम की अनूठी मिसाल बताया। क्षेत्र में इस प्रकार का आयोजन विरले ही देखने को मिलता है, जिससे यह आध्यात्मिक विवाह लोगों के बीच आकर्षण, श्रद्धा और चर्चा का केंद्र बन गया है।

Disclaimer: The article is a part of a syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for the accuracy of the facts.

MORE NEWS