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गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग तेज, गौ सम्मान यात्रा निकाली गई

Kuchaman City में ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत श्री श्याम मंदिर परिसर स्थित गौशाला से पूजा-अर्चना व भजन-कीर्तन के बाद भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह से निकाली गई.

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Last Updated: April 27, 2026 19:10:53 IST

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जयपुर: डीडवाना- कुचामन जिले के कुचामन सिटी में सोमवार को ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत भव्य शोभायात्रा और धार्मिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और जनसमर्थन के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्री श्याम मंदिर परिसर स्थित कुचामन गौशाला से हुई, जहां सबसे पहले गौ माता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ और उसी दौरान श्रद्धालु रैली के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों पर निकले.

भजन-कीर्तन और “गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करो” जैसे नारों के साथ निकली यह यात्रा मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और मार्गों से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची. रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया. शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, गौसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए.

उपखंड कार्यालय पहुंचने पर जनसमूह ने उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. इस अवसर पर संत सुदर्शन दास जी (हिरानी गौशाला), भगवान दास जी, लक्ष्मण दास जी और मोनी बाबा के नेतृत्व में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया. जिला गौ प्रचारक रवि भार्गव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुचामन क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, गौशाला संचालकों, गौ सेवकों, महिला मंडलों एवं सनातन धर्म प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी सहभागिता निभाई.

ज्ञापन में गौ माता को “राष्ट्रमाता/राष्ट्रीय धरोहर” का संवैधानिक दर्जा देने, देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, केंद्र स्तर पर “गोमाता मंत्रालय” की स्थापना करने और गौवंश संरक्षण के लिए एक सशक्त एकीकृत कानून बनाने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं. साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 और 51(A)(g) की मूल भावना का उल्लेख करते हुए गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की बात कही गई.         

आयोजकों ने बताया कि यह अभियान केवल धार्मिक भावना तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा व्यापक जनआंदोलन है. इसका उद्देश्य गौ माता के सम्मान, सेवा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आमजन में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाते हुए यह संदेश दिया कि गौ संरक्षण को लेकर समाज में व्यापक समर्थन और जागरूकता मौजूद है.

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जयपुर: डीडवाना- कुचामन जिले के कुचामन सिटी में सोमवार को ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत भव्य शोभायात्रा और धार्मिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और जनसमर्थन के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह श्री श्याम मंदिर परिसर स्थित कुचामन गौशाला से हुई, जहां सबसे पहले गौ माता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ और उसी दौरान श्रद्धालु रैली के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों पर निकले.

भजन-कीर्तन और “गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करो” जैसे नारों के साथ निकली यह यात्रा मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और मार्गों से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची. रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया. शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, गौसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए.

उपखंड कार्यालय पहुंचने पर जनसमूह ने उपखंड अधिकारी विश्वामित्र मीणा के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. इस अवसर पर संत सुदर्शन दास जी (हिरानी गौशाला), भगवान दास जी, लक्ष्मण दास जी और मोनी बाबा के नेतृत्व में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया. जिला गौ प्रचारक रवि भार्गव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत कुचामन क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, गौशाला संचालकों, गौ सेवकों, महिला मंडलों एवं सनातन धर्म प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी सहभागिता निभाई.

ज्ञापन में गौ माता को “राष्ट्रमाता/राष्ट्रीय धरोहर” का संवैधानिक दर्जा देने, देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, केंद्र स्तर पर “गोमाता मंत्रालय” की स्थापना करने और गौवंश संरक्षण के लिए एक सशक्त एकीकृत कानून बनाने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं. साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 और 51(A)(g) की मूल भावना का उल्लेख करते हुए गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की बात कही गई.         

आयोजकों ने बताया कि यह अभियान केवल धार्मिक भावना तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा व्यापक जनआंदोलन है. इसका उद्देश्य गौ माता के सम्मान, सेवा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आमजन में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है.

कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाते हुए यह संदेश दिया कि गौ संरक्षण को लेकर समाज में व्यापक समर्थन और जागरूकता मौजूद है.

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