Jahangir Khan: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (west bengal assembly elections) के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ. दूसरे चरण का मतदान कल यानी बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को होगा. इसके पहले यूपी के आईपीएस ऑफिसर अजय पाल शर्मा के कई वीडियो सामने आ रहे हैं. अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि उत्तर प्रदेश के आईपीएस ऑफिसर अजय पाल शर्मा पश्चिम बंगाल के चुनाव में क्या कर रहे हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग ने उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले का नया पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.
नया पुलिस ऑब्जर्वर बनते ही आईपीएस अजय पाल शर्मा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिसके बाद टीएमसी के नेताओं से लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी हमला बोला है.
क्या है इस वायरल वीडियो में?
वायरल हो रहे एक वीडियो में आईपीएस ऑफिसर अजय पाल शर्मा को कहते हुए सुना जा रहा है कि आसपास के जितने भी लोग हैं. इस बात को समझ लें कि अगर किसी ने बदमाशी की तो उनका कायदे से इलाज किया जाएगा. अगर कहीं से खबर आ गई कि किसी ने कोई खुराफात करने की, किसी को परेशान करने की कोशिश की है तो फिर उसकी खबर अच्छे से लेंगे. ये जहांगीर के घर वालें भी करें. इसके अलावा, अजय पाल शर्मा उनके घरवालों को कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उसको बता देना कायदे से. ये जो बार-बार खबरें आ रही हैं कि उसके लोग धमका रहे हैं तो फिर अच्छे से खबर लेंगे. बाद में रोना पछताना मत. वीडियो वायरल होने के बाद सभी के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये जहांगीर कौन हैं? तो चलिए आपकी जिज्ञासा को शांत करते हैं.
Ajay Pal Sharma, the encounter specialist and Singham of UP police, is deployed as police observer of South 24 Parganas. He just read the riot act to Bhaipo’s henchman Jehangir Khan’s family members.
Nobody can stop this election from being the most free and fair election in 50… pic.twitter.com/p3WOLLXL6d
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
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कौन हैं जहांगीर खान?
जहांगीर खान के बारे में बताया जा रहा है कि वो फाल्टा इलाके से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. 41 साल के जहांगीर खान ने 12वीं क्लास तक पढ़ाई की है. चुनाव के लिए जमा किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, उनके पास करीब 2.1 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उन पर कोई कर्ज नहीं है. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. हालांकि, सरकारी दस्तावेजों से परे खान का नाम इस सीट के आसपास की राजनीतिक चर्चाओं में काफी प्रमुखता से सामने आया है.
सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही खबरों में आरोप लगाया गया है कि खान का एक ताकतवर राजनीतिक हस्ती से गहरा जुड़ाव है, जिसे अक्सर “भाइपो” कहा जाता है और वह इस इलाके में सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट नेटवर्क का हिस्सा हैं. कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जहांगीर खान पर ज़मीन पर कब्ज़ा करने, तस्करी और दूसरे संगठित अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.