Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक मुस्लिम महिला द्वारा दावा किया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर एक लड़की से उसकी दोस्ती हुई थी. जिसने अपना नाम रहमान बताया था. शादी के बाद उसके साथ सालभर रही तो उसने अपना नाम आशीष बताया. इसके बाद महिला ने बताया कि मैं मऊ की रहने वाली हूं और ये सरदारनगर का रहने वाला है.
बताया जा रहा है कि महिला की मुलाकात इस लड़के से इंस्टाग्राम पर हुई थी. फिर उसके बाद शादी हो गई. जब उसके गांव में महिला आई तो लोगों ने बताया कि तुम मुस्लिम हो और ये गैर मुस्लिम हैं और इसका नाम आशीष गंगवार है.
कितने साल चला प्रेम प्रसंग?
जब महिला से सवाल पूछा गया कि आपका प्रेम प्रसंग कितने साल चला था तो महिला ने इसका जवाब देते हुए कहा कि हमारा प्रेम प्रसंग 2 साल चला था. लड़के ने अपना नाम रहमान बताया था. इन दोनों का 4 महीने का एक बच्चा भी है. शादी के बाद दोनों दिल्ली या हलद्वानी में रहते थे.
कैसे खुला भेद?
शादी के बाद दोनों खुशी-खुशी रह रहे थे. लेकिन जब आशीष के पिता की मौत हुई तब फात्मा अपने पति के साथ उसके गांव सरदार नगर पहुंची. तब उसे रहमान के असली नाम और पहचान का पता चला. जब उसे पता चला कि उसने जिस लड़के से शादी की है. वो रहमान नहीं बल्कि आशीष गंगवार है तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. रहमान की असल सच्चाई का पता चलने के बाद रहमान और फात्मा के बीच लगातार विवाद होने लगा. विवाद बढ़ने के बाद आशीष फात्मा को रुद्रपुर में छोड़कर खुद गांव लौट आया. परेशान होकर फात्मा ने नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
ये फातिमा है.
• फातिमा का कहना है- हिन्दू लड़के आशीष ने रहमान बनकर मुझे फंसाया और शादी कर ली.
• इंस्टाग्राम पर आशीष ने खुद को रहमान बताया. फिर निकाह किया. जब फातिमा आशीष के घर पहुंची तो भेद खुला.
क्या ये लव जिहाद कहलाएगा 🤔
📍बरेली, यूपी pic.twitter.com/9gmrJzq2Lx
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) April 25, 2026
आशीष ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आशीष उर्फ रहमान को पकड़ा और इसके बाद उससे पूछताछ की तो उसने फात्मा को भरोसा दिलाया कि उनका बेटा बरेली में उसकी बहन के पास है और वह उसे लेकर दिल्ली में साथ रहेंगे. भरोसा दिलाने के बावजूद भी आशीष अपने दोस्त कपिल के साथ फात्मा को बरेली ले आया, जहां रेलवे स्टेशन पर छोड़कर खुद मोबाइल छोड़कर अचानक गायब हो गया. काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब वह नहीं लौटा तो फात्मा को अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ.
बेटे के लिए तड़प रही फात्मा
दोबारा आशीष के जाने के बाद अब पीड़िता अपने 4 माह के बेटे के लिए तड़प रही है और अपने पिता के साथ इंसाफ के लिए भटक रही है. दोबारा नवाबगंज कोतवाली पहुंचने पर भी पुलिस वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण उसकी शिकायत नहीं सुनी जा सकी. जिसके बाद मजबूरन उसे ससुराल जाना पड़ा. जहां उसे पड़ोसियों के घर पर रात गुजारनी पड़ी. इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना कै कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी.