Live TV
Search
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > मुकदमा, गिरफ्तारी और 14 महीने की जुदाई… हाईकोर्ट के फैसले से फिर एक हुए सोनिका-अकबर

मुकदमा, गिरफ्तारी और 14 महीने की जुदाई… हाईकोर्ट के फैसले से फिर एक हुए सोनिका-अकबर

Right to choose life partner: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद की 26 वर्षीय सोनिका चौहान को अपने पति अकबर खान के साथ रहने की अनुमति दी है. अदालत ने बालिग व्यक्ति के जीवनसाथी चुनने के अधिकार को महत्वपूर्ण माना. दोनों के मुताबिक, शादी के बाद विवाद और मुकदमे के चलते वे करीब 14-16 महीने अलग रहे. कोर्ट के आदेश के बाद दोनों फिर साथ आ गए हैं.

Written By:
Last Updated: September 28, 2026 16:13:35 IST

Mobile Ads 1x1

Right to choose life partner:  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम की रहने वाली 26 वर्षीय सोनिका चौहान को अपने पति अकबर खान के साथ रहने की अनुमति दे दी है. न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बालिग व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने और उसके साथ जीवन बिताने का अधिकार है. कोर्ट के आदेश के बाद लंबे समय से एक-दूसरे से दूर रह रहे सोनिका और अकबर फिर साथ आ गए हैं.

शादी के बाद शुरू हुआ था विवाद

अकबर खान के मुताबिक, उन्होंने और सोनिका ने 28 अगस्त 2022 को शादी की थी. दोनों ने मिलकर लोन लेकर एक दुकान भी शुरू की थी. अकबर का दावा है कि दुकान के उद्घाटन समारोह में पूर्व पार्षद मीना भंडारी को आमंत्रित नहीं किए जाने के बाद विवाद बढ़ा. उनका आरोप है कि इसी के बाद उनके खिलाफ साजिश की गई और सोनिका के परिवार पर दबाव बनाया गया.

पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

मई 2025 में सोनिका के पिता ने इंदिरापुरम थाने में अकबर खान के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद अकबर की गिरफ्तारी हुई. अकबर का दावा है कि इस दौरान उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे गलत थे. बाद में पुलिस जांच के दौरान पॉक्सो की धाराएं हटा दी गईं.

14-16 महीने तक एक-दूसरे से रहे दूर

मामले के चलते सोनिका और अकबर करीब 14 से 16 महीने तक एक-दूसरे से अलग रहे. अकबर का कहना है कि इस दौरान सोनिका को उनके सामने पेश नहीं होने दिया जा रहा था और परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था. हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सोनिका के बालिग होने और अपने जीवनसाथी के संबंध में स्वयं निर्णय लेने के अधिकार को अहम माना गया.

कोर्ट के आदेश के बाद फिर साथ आए सोनिका-अकबर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनिका को अपने पति अकबर के साथ रहने की अनुमति मिल गई. अकबर ने फैसले पर अदालत का आभार जताते हुए कहा कि दोनों बालिग हैं और अपने जीवन के बारे में फैसला लेने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें अपनी पत्नी के साथ रहने का मौका मिला है. हालांकि अकबर का कहना है कि कोर्ट के फैसले के बाद भी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट से बाहर निकलने के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं. अकबर ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. साथ ही उन्होंने दुकान में हुए नुकसान की भरपाई की बात भी कही है.

MORE NEWS

Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > मुकदमा, गिरफ्तारी और 14 महीने की जुदाई… हाईकोर्ट के फैसले से फिर एक हुए सोनिका-अकबर

Written By:
Last Updated: September 28, 2026 16:13:35 IST

Mobile Ads 1x1

Right to choose life partner:  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम की रहने वाली 26 वर्षीय सोनिका चौहान को अपने पति अकबर खान के साथ रहने की अनुमति दे दी है. न्यायमूर्ति संदीप जैन की अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बालिग व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने और उसके साथ जीवन बिताने का अधिकार है. कोर्ट के आदेश के बाद लंबे समय से एक-दूसरे से दूर रह रहे सोनिका और अकबर फिर साथ आ गए हैं.

शादी के बाद शुरू हुआ था विवाद

अकबर खान के मुताबिक, उन्होंने और सोनिका ने 28 अगस्त 2022 को शादी की थी. दोनों ने मिलकर लोन लेकर एक दुकान भी शुरू की थी. अकबर का दावा है कि दुकान के उद्घाटन समारोह में पूर्व पार्षद मीना भंडारी को आमंत्रित नहीं किए जाने के बाद विवाद बढ़ा. उनका आरोप है कि इसी के बाद उनके खिलाफ साजिश की गई और सोनिका के परिवार पर दबाव बनाया गया.

पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

मई 2025 में सोनिका के पिता ने इंदिरापुरम थाने में अकबर खान के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद अकबर की गिरफ्तारी हुई. अकबर का दावा है कि इस दौरान उनकी दुकान में भी तोड़फोड़ की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे गलत थे. बाद में पुलिस जांच के दौरान पॉक्सो की धाराएं हटा दी गईं.

14-16 महीने तक एक-दूसरे से रहे दूर

मामले के चलते सोनिका और अकबर करीब 14 से 16 महीने तक एक-दूसरे से अलग रहे. अकबर का कहना है कि इस दौरान सोनिका को उनके सामने पेश नहीं होने दिया जा रहा था और परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था. हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सोनिका के बालिग होने और अपने जीवनसाथी के संबंध में स्वयं निर्णय लेने के अधिकार को अहम माना गया.

कोर्ट के आदेश के बाद फिर साथ आए सोनिका-अकबर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनिका को अपने पति अकबर के साथ रहने की अनुमति मिल गई. अकबर ने फैसले पर अदालत का आभार जताते हुए कहा कि दोनों बालिग हैं और अपने जीवन के बारे में फैसला लेने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें अपनी पत्नी के साथ रहने का मौका मिला है. हालांकि अकबर का कहना है कि कोर्ट के फैसले के बाद भी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट से बाहर निकलने के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं. अकबर ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. साथ ही उन्होंने दुकान में हुए नुकसान की भरपाई की बात भी कही है.

MORE NEWS