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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > पेट्रोल था, पर इंसानियत नहीं… बलिया में एंबुलेंस को तेल न मिलने से मरीज ने तोड़ा दम, DM ने लिया एक्शन

पेट्रोल था, पर इंसानियत नहीं… बलिया में एंबुलेंस को तेल न मिलने से मरीज ने तोड़ा दम, DM ने लिया एक्शन

Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. बलिया के बेरिया क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर एंबुलेंस चालक ने मरीज को ले जाने के लिए तेल मांगा, तो कर्मचारियों ने उसे देने से साफ मना कर दिया. इसके चलते अस्पताल न पहुंचने से मरीज की मौत हो गई.

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Last Updated: April 25, 2026 13:09:07 IST

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Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसने प्रशासन को हिला कर रख दिया है. जिले के बेरिया क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर जब एंबुलेंस चालक ने मरीज को ले जाने के लिए तेल मांगा तो कर्मचारियों ने उसे देने से साफ मना कर दिया. मिली जानकारी के मुताबिक समय से इलाज के लिए अस्पताल नही पहुंचने से मरीज की मौत हो गई.
इस संवेदनहीनता का मामला सामने आते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए पेट्रोल पंप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

कब हुई ये दर्दनाक घटना?

घटना 22 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है. बैरिया क्षेत्र के नगरा रोड पर भूषण पेट्रोल पंप पर एक एंबुलेंस पहुंची. एंबुलेंस के अंदर एक मरीज था जिसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही थी. चालक ने जैसे ही पेट्रोल पंप कर्मचारियों से तेल की मांग की तो उन्होंने तेल न होने का बहाना बनाकर उसे देने से इनकार कर दिया. मरीज की जान दाव पर लगी थी लेकिन कर्मचारियों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय एंबुलेंस को बैरन लौटा दिया. नतीजन मरीज को समय से इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई.

डीएम ने लिया एक्शन

इस घटना की जानकारी जैसे ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह तक पहुंची उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. डीएम ने न केवल मामले की जांच की बल्कि मौके पर जाकर पेट्रोल पंप के स्टाक का फिजिकल वेरिफिकेशन भी कराया. जांच में जो सच सामने आया वह हैरान करने वाला था.

पेट्रोल पंप पर था तेल

जांच में पेट्रोल पंप पर 8500 लीटर पेट्रोल और 4500 लीटर से अधिक डीजल स्टॉक में मौजूद पाया गया. कर्मचारियों द्वारा तेल खत्म होने का दावा पूरी तरह से निराधार और झूठा निकला. जिला अधिकारी ने इस एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा के प्रति घोर लापरवाही माना है. प्रशासन ने इस मामले में पेट्रोल पंप प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से शो कॉज नोटिस जारी किया है. मामले में इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया. डीएम ने सख्त संदेश देते हुए जिले के सभी 157 पेट्रोल पंपों के प्रबंधकों की आपात बैठक बुलाई है.

डीएम ने दी सख्त चेतावनी

इस मामले पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दिया. उन्होंने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के प्रति इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर भविष्य में किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल देने से आनाकानी की शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस निरस्त करने तक का कदम उठाया जाएगा.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जिसने प्रशासन को हिला कर रख दिया है. जिले के बेरिया क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप पर जब एंबुलेंस चालक ने मरीज को ले जाने के लिए तेल मांगा तो कर्मचारियों ने उसे देने से साफ मना कर दिया. मिली जानकारी के मुताबिक समय से इलाज के लिए अस्पताल नही पहुंचने से मरीज की मौत हो गई.
इस संवेदनहीनता का मामला सामने आते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए पेट्रोल पंप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

कब हुई ये दर्दनाक घटना?

घटना 22 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है. बैरिया क्षेत्र के नगरा रोड पर भूषण पेट्रोल पंप पर एक एंबुलेंस पहुंची. एंबुलेंस के अंदर एक मरीज था जिसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही थी. चालक ने जैसे ही पेट्रोल पंप कर्मचारियों से तेल की मांग की तो उन्होंने तेल न होने का बहाना बनाकर उसे देने से इनकार कर दिया. मरीज की जान दाव पर लगी थी लेकिन कर्मचारियों ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय एंबुलेंस को बैरन लौटा दिया. नतीजन मरीज को समय से इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई.

डीएम ने लिया एक्शन

इस घटना की जानकारी जैसे ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह तक पहुंची उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. डीएम ने न केवल मामले की जांच की बल्कि मौके पर जाकर पेट्रोल पंप के स्टाक का फिजिकल वेरिफिकेशन भी कराया. जांच में जो सच सामने आया वह हैरान करने वाला था.

पेट्रोल पंप पर था तेल

जांच में पेट्रोल पंप पर 8500 लीटर पेट्रोल और 4500 लीटर से अधिक डीजल स्टॉक में मौजूद पाया गया. कर्मचारियों द्वारा तेल खत्म होने का दावा पूरी तरह से निराधार और झूठा निकला. जिला अधिकारी ने इस एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवा के प्रति घोर लापरवाही माना है. प्रशासन ने इस मामले में पेट्रोल पंप प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से शो कॉज नोटिस जारी किया है. मामले में इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया. डीएम ने सख्त संदेश देते हुए जिले के सभी 157 पेट्रोल पंपों के प्रबंधकों की आपात बैठक बुलाई है.

डीएम ने दी सख्त चेतावनी

इस मामले पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी दिया. उन्होंने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के प्रति इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर भविष्य में किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल देने से आनाकानी की शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस निरस्त करने तक का कदम उठाया जाएगा.

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