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UP: ताड़ी उतारने बिहार से यूपी के बलिया आया शख्स लापता, बेटे ने पुलिस पर सुनवाई न करने का लगाया आरोप

Ballia News: 14 अप्रैल को राजेश चौधरी काम के सिलसिले में बलिया आए, 16 अप्रैल को सुबह करीब 6:30 बजे वे अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए. हैरानी की बात यह है कि राजेश का मोबाइल फोन और कपड़े ठेकेदार के पास ही मिले, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं लगा.

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Last Updated: 2026-04-30 22:43:03

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UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां बिहार से काम करने आए एक व्यक्ति के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद हड़कंप मच गया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में टालमटोल कर रही है और उनकी फरियाद नहीं सुनी जा रही है. थक-हारकर अब लापता व्यक्ति के बेटे ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है.

बिहार के गया के रहने वाले राजशेखर ने बलिया एसपी को पत्र देकर गुहार लगाई है. पीड़ित राजशेखर ने बताया कि उनके पिता राजेश चौधरी जिनकी उम्र 47 वर्ष है जो पैसे से पासी है और ताड़ी उतारने का काम करते हैं. ठेकेदार द्वारा उन्हें बलिया के बांसडीह क्षेत्र में काम के लिए बुलाया गया था.

संदिग्ध परिस्थितियों में हुए लापता

14 अप्रैल को राजेश चौधरी काम के सिलसिले में बलिया आए, 16 अप्रैल को सुबह करीब 6:30 बजे वे अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए. हैरानी की बात यह है कि राजेश का मोबाइल फोन और कपड़े ठेकेदार के पास ही मिले, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं लगा.

लापता राजेश के बेटे राजशेखर का आरोप है कि उन्होंने जब बांसडीह कोतवाली में मामले की शिकायत की तो पुलिस ने उनकी बात को अनसुना कर दिया, पुलिस के द्वारा कहा गया कि मुकदमा बिहार में लिखा जाएगा यहां कुछ नही हो सकता.

पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं- पीड़ित

राजशेखर का कहना है कि उनके पिता के साथ आए अन्य लोगों ने भी घटना की जानकारी दी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. बताया मेरे पिता का सामान और मोबाइल यहीं रह गया. फिर वन कहां चलेगए, पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है हमें किसी अनहोनी का डर सता रहा है.

अपनी आखिरी उम्मीद लेकर पीड़ित बेटे ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी से गुहार लगाई है. प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की है कि बांसडीह पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने और लापता राजेश चौधरी को सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए जाएं.

15 दिन बीतने के बाद भी राजेश चौधरी का अता-पता नहीं

अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बलिया पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या एक गरीब परिवार को उसका मुखिया वापस मिल पाता है. बता दें कि लगभग 15 दिन बीतने के बाद भी राजेश चौधरी का कोई अता-पता नहीं है और बेटा थाने का चक्कर काट रहा है.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां बिहार से काम करने आए एक व्यक्ति के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद हड़कंप मच गया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में टालमटोल कर रही है और उनकी फरियाद नहीं सुनी जा रही है. थक-हारकर अब लापता व्यक्ति के बेटे ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है.

बिहार के गया के रहने वाले राजशेखर ने बलिया एसपी को पत्र देकर गुहार लगाई है. पीड़ित राजशेखर ने बताया कि उनके पिता राजेश चौधरी जिनकी उम्र 47 वर्ष है जो पैसे से पासी है और ताड़ी उतारने का काम करते हैं. ठेकेदार द्वारा उन्हें बलिया के बांसडीह क्षेत्र में काम के लिए बुलाया गया था.

संदिग्ध परिस्थितियों में हुए लापता

14 अप्रैल को राजेश चौधरी काम के सिलसिले में बलिया आए, 16 अप्रैल को सुबह करीब 6:30 बजे वे अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए. हैरानी की बात यह है कि राजेश का मोबाइल फोन और कपड़े ठेकेदार के पास ही मिले, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं लगा.

लापता राजेश के बेटे राजशेखर का आरोप है कि उन्होंने जब बांसडीह कोतवाली में मामले की शिकायत की तो पुलिस ने उनकी बात को अनसुना कर दिया, पुलिस के द्वारा कहा गया कि मुकदमा बिहार में लिखा जाएगा यहां कुछ नही हो सकता.

पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं- पीड़ित

राजशेखर का कहना है कि उनके पिता के साथ आए अन्य लोगों ने भी घटना की जानकारी दी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. बताया मेरे पिता का सामान और मोबाइल यहीं रह गया. फिर वन कहां चलेगए, पुलिस हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है हमें किसी अनहोनी का डर सता रहा है.

अपनी आखिरी उम्मीद लेकर पीड़ित बेटे ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी से गुहार लगाई है. प्रार्थना पत्र के माध्यम से मांग की है कि बांसडीह पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने और लापता राजेश चौधरी को सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए जाएं.

15 दिन बीतने के बाद भी राजेश चौधरी का अता-पता नहीं

अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बलिया पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या एक गरीब परिवार को उसका मुखिया वापस मिल पाता है. बता दें कि लगभग 15 दिन बीतने के बाद भी राजेश चौधरी का कोई अता-पता नहीं है और बेटा थाने का चक्कर काट रहा है.

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