Bareilly Civil Defence: बरेली जिले में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि जनपद के सभी नगर निकायों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) इकाइयों के दायरे में शामिल किया जाए, ताकि आपदा या आपातकालीन स्थिति में प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य किए जा सकें.
97 वार्डनों और स्वयंसेवक सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान 23 जनवरी 2026 को आयोजित ‘ऑपरेशन ब्लैकआउट एक्सरसाइज’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 97 वार्डनों और स्वयंसेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. जिलाधिकारी ने सभी स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन का एक मजबूत सहयोगी है, जो विभिन्न आपात स्थितियों में अहम भूमिका निभाता है.
नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों का योगदान महत्वपूर्ण
डीएम ने बताया कि धार्मिक यात्राओं, जुलूसों, कांवड़ यात्रा और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान भी नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहता है. उन्होंने संगठन के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर गांवों तक भी पहुंचना चाहिए. कार्यक्रम में डिप्टी कंट्रोलर राकेश कुमार मिश्र ने जानकारी दी कि नागरिक सुरक्षा की स्थापना वर्ष 1962 में हवाई हमलों से बचाव के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन वर्तमान में यह संस्था आपदा प्रबंधन और क्षमता निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नए वार्डन जोड़े गए
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष 360 लोगों को प्रशिक्षित किया गया, 319 नए वार्डन जोड़े गए और 73 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 6,963 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया. मीरगंज और आंवला में भी 20-20 नए वार्डन नियुक्त किए गए हैं. कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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