Waterlogging in Noida: शुक्रवार की सुबह नोएडा में रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन इस बारिश ने निवासियों के लिए नई समस्याएं भी खड़ी कर दीं. शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया.
सेक्टर 95 का अंडरपास सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक था, जहां जलभराव की गहराई लगभग 3 से 4 फीट तक पहुंच गई थी. यहां पानी लगभग 4 फीट की गहराई तक भर गया था, जिससे यहां से गुजर रही एम्बुलेंस भी गहरे पानी में फंस गई.
जलभराव से हो रही समस्या
हालात तब गंभीर हो गए जब एक एम्बुलेंस बाढ़ग्रस्त अंडरपास के बीच में फंस गई. सौभाग्य से, वाहन के अंदर कोई मरीज नहीं था. स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों ने एम्बुलेंस को निकालने के लिए मिलकर प्रयास किया. लगभग आधे घंटे बाद, वाहन को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया. बाद में संबंधित विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने जनरेटर की मदद से अंडरपास से पानी बाहर निकाला. कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा. यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
बता दें कि बारिश का असर सिर्फ सेक्टर 95 तक ही सीमित नहीं रहा. सरफाबाद, बरौला, सालारपुर और भंगेल की सड़कों पर भी जलभराव हो गया. इससे काम पर जाने वाले और स्कूल जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई. कई जगहों पर यातायात धीमा रहा. छोटे वाहनों को जलमग्न रास्तों से गुजरने में और भी ज्यादा दिक्कत हुई.
भीषण गर्मी और उमस से मिली राहत
जलभराव के बावजूद, बारिश से तापमान में गिरावट आई है और भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को नोएडा में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस था. हवा की गति लगभग 6 किमी प्रति घंटा रही, जबकि आर्द्रता लगभग 80 प्रतिशत के करीब बनी रही.
सामान्य से 68% कम बारिश
पिछले सप्ताह हुई बारिश के बावजूद, नोएडा में इस साल मानसून की बारिश बहुत कम हुई है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 6 अगस्त तक जिले में केवल 77.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस समय सामान्य बारिश लगभग 244 मिमी होती है. इसका मतलब है कि जिले में बारिश की 68 प्रतिशत कमी है. विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में लगातार बारिश की आवश्यकता है ताकि इस कमी को पूरा किया जा सके.
नोएडा में 11 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक नोएडा क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान लगाया है. इससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लोगों को जलभराव वाली सड़कों से दूर रहने की सलाह दी गई है. जलभराव की समस्या से बचने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था की जानी चाहिए.