उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को परोसे जाने वाले दोपहर के भोजन की खराब गुणवत्ता को दर्शाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस वीडियो ने लोगों में स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर आक्रोश पैदा कर दिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चों को सब्जी के नाम पर मसालेदार आलू वाला पानी दिया जा रहा है वो भी जली हुई रोटियों के साथ.
वायरल वीडियो से खुली स्कूल की पोल
यह वीडियो X अकाउंट होल्डर @Benarasiyaa ने पोस्ट किया है. वीडियो के अनुसार, बच्चों को पतली आलू की करी परोसी जा रही है, जो देखने में काफी पानीदार और बिना सब्जियों वाली लग रही है. खाने में कुछ जली हुई रोटियां भी दिखाई दे रही हैं.
Some veggies dropped in water + burnt chappatis – This is the mid day meal serve to students at a government primary School in Sitapur district of Uttar Pradesh. pic.twitter.com/rK06irGJaG
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) August 5, 2026
इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया है. इसमें कथित तौर पर एक व्यक्ति रोटियों को छात्रों की थालियों में ठीक से रखने के बजाय फेंकते हुए दिख रहा है. परोसने के इस तरीके की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है. इन दृश्यों के सामने आने से भोजन की गुणवत्ता और भोजन वितरण के दौरान छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार दोनों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
कांग्रेस नेता ने दोपहर के भोजन पर सवाल उठाए
कांग्रेस प्रवक्ता और महाराष्ट्र राज्य सचिव अतुल लोंढे पाटिल ने भी वीडियो क्लिप अपने एक्स अकाउंट पर शेयर की. पाटिल के अनुसार, सीतापुर के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को दिया जा रहा मध्याह्न भोजन बेहद घटिया गुणवत्ता का है. पाटिल ने दावा किया कि यह बताना असंभव था कि करी में सब्जियां थीं या वह सिर्फ सादा पानी था. इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि रोटियों को बच्चों की थालियों में इस तरह फेंका गया था “जैसे कि वे जानवरों के लिए हों.”
सीतापुर ,उत्तर प्रदेश
प्राथमिक सरकारी विद्यालय में सब्जी है या पानी
समझना मुश्किल हैरोटी तो ऐसे फेंक कर दी जा रही है
जैसे किसी जानवर को दी जा रही है 😐😐 pic.twitter.com/NJNoBafWnt— Atul Londhe Patil (INDIA Ka Parivar)🇮🇳 (@atullondhe) August 4, 2026
इन वीडियो को लेकर ऑनलाइन काफी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कई यूजर्स ने उत्तर प्रदेश में मिड डे मील योजना के प्रशासन और कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं. एक यूजर ने लिखा, “शर्मनाक! उत्तर प्रदेश में बच्चों के पोषण के लिए इतना जरूरी मिड-डे मील भी नहीं मिल पा रहा है, है ना? ये किस तरह का प्रशासन है?” वायरल वीडियो में सामने आए आरोपों ने बच्चों के पोषण और स्कूल में मिलने वाले भोजन की निगरानी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. हालांकि संबंधित स्कूल और दावों की आगे की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है.