UP Women Entrepreneur Credit Scheme: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार महिलाओं के लिए बड़ी योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब एक करोड़ महिलाओं को एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त क्रेडिट दिया जाएगा. इस योजना का मकसद महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने और पहले से चल रहे उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहारा देना है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये दिसंबर में जारी किए जाने की तैयारी है.
पहले 20 हजार, फिर 30 और 50 हजार की किस्त
योजना में महिलाओं को एकमुश्त एक लाख रुपये नहीं दिए जाएंगे. क्रेडिट की राशि चरणबद्ध तरीके से मिलेगी. पहले चरण में 20 हजार रुपये का ब्याजमुक्त क्रेडिट दिया जाएगा. इस रकम का समय से भुगतान करने पर दूसरी किस्त के रूप में 30 हजार रुपये मिलेंगे. इसके बाद दूसरी किस्त की भी समय पर अदायगी करने पर तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का क्रेडिट दिया जाएगा. इस तरह तीन चरणों में कुल एक लाख रुपये तक का क्रेडिट मिल सकेगा. योजना को तीन साल के लिए लागू किए जाने की बात सामने आई है. महिलाओं को इसके लिए विशेष क्रेडिट कार्ड देने की तैयारी है. इस कार्ड के जरिए मिलने वाली राशि का इस्तेमाल छोटे व्यवसाय शुरू करने, मौजूदा कारोबार का विस्तार करने या स्वरोजगार से जुड़े कामों में किया जा सकेगा.
चुनाव से पहले बड़ा महिला वोट बैंक फोकस?
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं पर सरकार का फोकस लगातार बढ़ रहा है. अगस्त में भी महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली संभावित योजना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं. अब महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी एक करोड़ महिलाओं के लिए उद्यमी क्रेडिट योजना सामने आई है. हालांकि इस योजना का आधिकारिक उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें उद्यमिता से जोड़ना है, लेकिन चुनाव से पहले इसके प्रस्तावित क्रियान्वयन को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है. इससे पहले भाजपा ने दूसरे राज्यों में भी चुनाव से पहले महिलाओं से जुड़ी आर्थिक योजनाओं को प्रमुखता दी थी.
बैंकों के साथ मिलकर तैयार हो रहा पूरा ढांचा
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिला उद्यमी क्रेडिट योजना की घोषणा की थी. योजना को लागू करने के लिए ग्राम्य विकास विभाग और बैंकों के बीच चर्चा चल रही है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं. सरकार की कोशिश है कि पात्र महिलाओं तक क्रेडिट की राशि पारदर्शी तरीके से पहुंचे. इसके लिए डीबीटी के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और लाभार्थियों को समय पर पैसा मिल सके.
सिर्फ लोन नहीं, डिजिटल कारोबार से भी जोड़ने की तैयारी
सरकार की योजना महिलाओं को केवल क्रेडिट उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल भुगतान, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बिक्री, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक उद्यम प्रबंधन से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. समूह की महिलाओं को पहचान और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के लिए क्यूआर कोड जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस आईकार्ड देने का भी प्रस्ताव है. इसके अलावा 100 महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने और ई-रिक्शा योजना के तहत दो लाख रुपये तक के वाहनों की खरीद पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं.
लखपति दीदी के बाद अब उद्यमी बनाने पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है. हाल में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया था. महिलाओं के बनाए उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए रेलवे और बस स्टेशनों तथा हवाई अड्डों पर महिला उत्पाद विपणन केंद्र स्थापित करने की योजना भी सामने आई है. महिला उद्यमी क्रेडिट योजना को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें महिलाओं को आर्थिक मदद के साथ कारोबार चलाने और बाजार से जोड़ने की सुविधाएं देने की तैयारी है.