एमपी के सिंगरौली जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश ने जहां लोगों को तपती गर्मी से राहत दिलाई, वहीं किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश भारी नुकसान लेकर आई है. साथ ही, आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था और यातायात भी प्रभावित हुआ है.
भीषण गर्मी से राहत
सरई, चितरंगी, देवसर और विंध्यनगर सहित जिले के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई. बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने भीषण गर्मी और उमस से राहत महसूस की. ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया और लंबे समय बाद लोगों ने सुकून की सांस ली.
कटी रखी फसलें बर्बाद
बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में खलिहानों में रखी कटी फसलें बारिश में भीग गईं, जिससे उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है. वहीं तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी फसलें भी गिर गई हैं. इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है. सालभर की मेहनत पर संकट मंडराता देख किसान चिंतित हैं.
आंधी से हुआ पावर कट
तेज आंधी के चलते कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए और विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके कारण जिले के कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. विद्युत विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके.
पेड़ों से बंद हुए रास्ते
आंधी की तेज रफ्तार से कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ. विंध्यनगर और देवसर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात जाम की स्थिति बन गई. प्रशासन और स्थानीय टीमें रास्तों को साफ करने में जुटी रहीं.
मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है. अब सभी की नजरें आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हैं.
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