सैमसंग जैसी प्रीमियम टेक ब्रांड्स पर ग्राहक आँख बंद करके भरोसा करते हैं, लेकिन जब फोन में तकनीकी खराबी आए और कंपनी मदद करने के बजाय सीधा आपकी जेब काटने पर उतारू हो जाए, तो भरोसा टूटना लाजमी है. अपने आफ्टर-सेल्स सपोर्ट को लेकर लगातार विवादों में घिरी सैमसंग का एक और नया कारनामा सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक परेशान यूज़र ने कंपनी की कार्यशैली की जमकर क्लास लगाई है, जहाँ फोन की खुद की तकनीकी खराबी का आधा बिल ग्राहक के सिर पर मढ़ने का गंभीर आरोप लगा है.
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर Kaushal Sharma aap (@Kaushalsharmaap) नाम के यूज़र ने सैमसंग इंडिया (@SamsungIndia) और उनके कस्टमर सपोर्ट को टैग करते हुए अपना कड़वा अनुभव साझा किया.
यूज़र ने पोस्ट करते हुए लिखा, ‘@SamsungIndia और @SamsungSuport के साथ बेहद निराशाजनक अनुभव. मेरे फोन में मदरबोर्ड की समस्या है, फिर भी सैमसंग मुझसे रिप्लेसमेंट कॉस्ट का 50% खर्च वसूलने को कह रहा है. कोई सही समाधान नहीं, सिर्फ ग्राहक पर बोझ डाला जा रहा है. सैमसंग से ऐसी सर्विस की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी.’
यूज़र की इस पोस्ट पर कंपनी ने पारंपरिक ‘कॉपीड-पेस्ट’ जवाब देते हुए कहा कि वे DM में संपर्क करें, लेकिन ग्राहक के इस खुलासे ने सैमसंग के आफ्टर-सेल्स सपोर्ट की पोल खोलकर रख दी है.
Very disappointing experience with @SamsungIndia @SamsungSuport My phone has a motherboard issue, yet Samsung is asking me to pay 50% of the replacement cost. No proper resolution, only customer burden. This is not the service expected from Samsung. #Samsung #BadService
— Kaushal Sharma aap (@Kaushalsharmaap) September 15, 2026
ग्राहक पर खर्च डालने का ‘नया पैंतरा’?
फोन का मदरबोर्ड किसी भी स्मार्टफोन का सबसे मुख्य और महंगा हिस्सा होता है. अक्सर मदरबोर्ड की खराबी सॉफ्टवेयर ग्लिच, ओवरहीटिंग या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट की वजह से आती है. इसके बावजूद सैमसंग द्वारा रिप्लेसमेंट का 50% खर्च मांगना सीधे तौर पर ग्राहकों का शोषण दिखाता है.
गंभीर सवाल जो इस मामले से उठते हैं, कंपनी की जिम्मेदारी कहाँ है? जब हार्डवेयर या मदरबोर्ड में खराबी आती है, तो उसका 50% बिल ग्राहक क्यों चुकाए? X पर सिर्फ ‘DM में मैसेज करें’ का रिप्लाई देकर पल्ला झाड़ लेना कस्टमर सर्विस के नाम पर केवल खानापूर्ति लगता है. लाखों रुपये के फोन्स बेचने के बाद जब सर्विस सेंटर से समाधान के नाम पर बिल थमाया जाता है, तो ग्राहक खुद को ठगा हुआ महसूस करता है.
सैमसंग जैसे ग्लोबल ब्रांड्स से ग्राहक बेहतर सर्विस और ईमानदारी की उम्मीद रखते हैं. लेकिन जिस तरह से मदरबोर्ड इश्यू आने पर ग्राहकों से पैसे ऐंठने की कोशिशें की जा रही हैं, वह ब्रांड की साख पर बड़ा धब्बा है. अगर आप भी नया फोन खरीदने का सोच रहे हैं, तो सिर्फ ब्रांड का नाम न देखें, बल्कि उनके सर्विस ट्रैक रिकॉर्ड और ग्राहकों की इन शिकायतों पर भी एक नज़र जरूर डाल लें.