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HomeVideos₹5,000 की नौकरी ठुकराई, भीख मांगना समझा बेहतर, बीच सड़क पर महिला और भिखारियों के बीच तीखी बहस, वीडियो वायरल!

₹5,000 की नौकरी ठुकराई, भीख मांगना समझा बेहतर, बीच सड़क पर महिला और भिखारियों के बीच तीखी बहस, वीडियो वायरल!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-16 18:04:09

एक हालिया वीडियो में देखा गया कि एक महिला ने सड़क किनारे भीख मांग रही कुछ महिलाओं को टोकते हुए उन्हें काम करने की सलाह दी, महिला ने उनमें से एक को ₹5,000 प्रति माह की नौकरी का सीधा प्रस्ताव (Offer) दिया हालांकि, भीख मांग रही महिलाओं ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया और अपनी 'भीख' मांगना जारी रखा, इस घटना ने एक पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है क्या ये लोग वास्तव में इतने लाचार हैं कि उन्हें काम नहीं मिल रहा या फिर भीख मांगकर वे दिन भर में उस नौकरी की दिहाड़ी से कहीं ज्यादा कमा लेते हैं?


Woman Offers Job To Beggars Viral Video: यह स्थिति समाज के सामने दो पहलुओं को रखती है कई सर्वे बताते हैं कि बड़े शहरों में भीख मांगने वाले प्रतिदिन ₹500 से ₹1,000 तक कमा लेते हैं, ऐसे में ₹5,000 प्रति माह (करीब ₹166 प्रतिदिन) की नौकरी उन्हें आर्थिक रूप से घाटे का सौदा लगती है, नौकरी में समय की पाबंदी, मेहनत और जवाबदेही होती है, जबकि भीख मांगने में कोई निश्चित नियम नहीं होते यह ‘आजादी’ कई बार उन्हें काम करने से रोकती है, अक्सर सड़क किनारे भीख मांगने वाले किसी ना  किसी गिरोह (Begging Mafia) का हिस्सा होते हैं, जो उन्हें कोई और काम करने की अनुमति नहीं देते, क्या हमें भीख देकर इस कुप्रथा को बढ़ावा देना चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि भीख देने के बजाय उन्हें काम के अवसर या सरकारी योजनाओं से जोड़ना ही सच्ची मदद है.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-16 18:04:09


Woman Offers Job To Beggars Viral Video: यह स्थिति समाज के सामने दो पहलुओं को रखती है कई सर्वे बताते हैं कि बड़े शहरों में भीख मांगने वाले प्रतिदिन ₹500 से ₹1,000 तक कमा लेते हैं, ऐसे में ₹5,000 प्रति माह (करीब ₹166 प्रतिदिन) की नौकरी उन्हें आर्थिक रूप से घाटे का सौदा लगती है, नौकरी में समय की पाबंदी, मेहनत और जवाबदेही होती है, जबकि भीख मांगने में कोई निश्चित नियम नहीं होते यह ‘आजादी’ कई बार उन्हें काम करने से रोकती है, अक्सर सड़क किनारे भीख मांगने वाले किसी ना  किसी गिरोह (Begging Mafia) का हिस्सा होते हैं, जो उन्हें कोई और काम करने की अनुमति नहीं देते, क्या हमें भीख देकर इस कुप्रथा को बढ़ावा देना चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि भीख देने के बजाय उन्हें काम के अवसर या सरकारी योजनाओं से जोड़ना ही सच्ची मदद है.

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