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HomeVideosभोपाल स्टेशन पर लाइन में खड़ा रह गया यात्री, स्टाफ ने पीछे से दलाल को थमा दिया कन्फर्म टिकट, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल!

भोपाल स्टेशन पर लाइन में खड़ा रह गया यात्री, स्टाफ ने पीछे से दलाल को थमा दिया कन्फर्म टिकट, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-14 19:37:13

भोपाल रेलवे स्टेशन के जनरल/रिजर्वेशन टिकट काउंटर पर एक युवक के साथ हुई नाइंसाफी का मामला तूल पकड़ रहा है, युवक का आरोप है कि वह काफी समय से टिकट के लिए लाइन में लगा था, लेकिन जब उसकी बारी आई तो काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उसे टिकट देने के बजाय बगल से आए एक दलाल (Broker) को टिकट दे दिया, यह दलाल ना तो लाइन में था और ना ही उसके पास कोई वैध कारण था प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेशन पर ऐसे कई एजेंट सक्रिय हैं जो कर्मचारियों से सांठगांठ कर चंद मिनटों में टिकट हासिल कर लेते हैं और फिर उन्हें जरूरतमंद यात्रियों को ऊंचे दामों पर बेचते हैं.


Bhopal Railway Station Ticket Scam: यह घटना दिखाती है कि तकनीक और ऑनलाइन सुविधाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह महज एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गिरोह की ओर इशारा करता है जहां काउंटर स्टाफ और बाहरी एजेंट मिलकर टिकटों का कृत्रिम अभाव पैदा करते हैं,आम आदमी जो घंटों धूप और भीड़ में खड़ा रहता है, उसे ‘नो रूम’ या ‘वेटिंग’ का हवाला दिया जाता है, जबकि दलालों के लिए नियम बदल जाते हैं रेलवे अधिनियम के तहत टिकटों की अवैध बिक्री और इसमें कर्मचारियों की संलिप्तता एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए जेल और नौकरी से बर्खास्तगी तक का प्रावधान है, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-14 19:37:13


Bhopal Railway Station Ticket Scam: यह घटना दिखाती है कि तकनीक और ऑनलाइन सुविधाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह महज एक कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गिरोह की ओर इशारा करता है जहां काउंटर स्टाफ और बाहरी एजेंट मिलकर टिकटों का कृत्रिम अभाव पैदा करते हैं,आम आदमी जो घंटों धूप और भीड़ में खड़ा रहता है, उसे ‘नो रूम’ या ‘वेटिंग’ का हवाला दिया जाता है, जबकि दलालों के लिए नियम बदल जाते हैं रेलवे अधिनियम के तहत टिकटों की अवैध बिक्री और इसमें कर्मचारियों की संलिप्तता एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए जेल और नौकरी से बर्खास्तगी तक का प्रावधान है, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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