DA Hike News: दिल्ली नगर निगम (MCD) में काम करने वाले करीब 4,000 पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. इन कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन अब पे मैट्रिक्स के लेवल-1 के तहत 18,000 रुपये तय किया गया है. इसके अतिरिक्त उन्हें नियमानुसार महंगाई भत्ता यानी DA भी दिया जाएगा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 23 अक्टूबर को इस फैसले की घोषणा की. अधिकारियों के मुताबिक, वेतन में संशोधन से नगर निगम पर सालाना करीब 52 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा.
यह फैसला समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत के तहत लिया गया है. इसकी खास बात यह है कि कर्मचारियों के संशोधित वेतन की रकम सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है.
किन कर्मचारियों को मिलेगा सैलरी बढ़ोतरी का फायदा?
इस फैसले का लाभ दिल्ली नगर निगम के पब्लिक हेल्थ विभाग में काम करने वाले लगभग 4,000 कर्मचारियों को मिलेगा. ये कर्मचारी पहले डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (DBC) के नाम से जाने जाते थे. बाद में उनका पदनाम बदलकर मल्टी-टास्किंग स्टाफ (पब्लिक हेल्थ) कर दिया गया.
इन कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में घर-घर जाकर जांच करना, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करना और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्य शामिल रहे हैं. वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव को उनकी सेवाओं को मान्यता देने की दिशा में कदम माना जा रहा है.
नए प्रावधान के तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये होगा और इसके ऊपर लागू नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता मिलेगा. इसलिए 18,000 रुपये को DA सहित अंतिम वेतन समझना सही नहीं होगा. हर कर्मचारी को मिलने वाली कुल रकम लागू नियमों और अन्य देय मदों के अनुसार अलग हो सकती है.
सालाना ₹52 करोड़ का अतिरिक्त खर्च
दिल्ली नगर निगम के इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना करीब 52 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है. MCD के मेयर प्रवेश वाही के मुताबिक, कर्मचारियों के वेतन में संशोधन का प्रस्ताव पिछले बजट में रखा गया था. इसके बाद इसे लागू करने के लिए मुख्यमंत्री के सामने मंजूरी हेतु प्रस्तुत किया गया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसके बाद संशोधित वेतन की रकम कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी गई. इस कदम का उद्देश्य लंबे समय से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को बेहतर वेतन संरचना उपलब्ध कराना है.
यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह फैसला दिल्ली नगर निगम के संबंधित कर्मचारियों के लिए है. इसे केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए घोषित नई महंगाई भत्ता बढ़ोतरी नहीं समझना चाहिए.
पहले डेंगू की रोकथाम के लिए हुई थी भर्ती
MCD के इन कर्मचारियों की नियुक्ति शुरुआत में डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर के रूप में की गई थी. उनका मुख्य काम डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन स्थलों की निगरानी करना और लोगों को संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक करना था.
समय के साथ उनकी जिम्मेदारियां सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े अन्य कार्यों तक भी फैलीं. घर-घर जाकर निरीक्षण करना और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में बताना उनके नियमित काम का हिस्सा रहा है. बाद में पदनाम बदलकर मल्टी-टास्किंग स्टाफ (पब्लिक हेल्थ) किया गया, लेकिन कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे चर्चा में बने रहे.
अब न्यूनतम वेतन को पे मैट्रिक्स के लेवल-1 से जोड़ने और उसके ऊपर DA देने के फैसले से इन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.
दिवाली से पहले 2,500 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का ऐलान
वेतन संशोधन के साथ ही दिल्ली नगर निगम ने सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 2,500 सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने की भी घोषणा की है. मेयर प्रवेश वाही के मुताबिक, इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है.
दिवाली जैसे त्योहारों के समय बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है. ऐसे में कचरे के समय पर निस्तारण और नियमित सफाई की जरूरत भी बढ़ जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए रात के समय सफाई अभियान चलाने और प्रमुख बाजारों व रिहायशी इलाकों में सफाई व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया है.
हालांकि, 2,500 सफाई कर्मचारियों की भर्ती और पब्लिक हेल्थ कर्मचारियों के वेतन संशोधन दो अलग-अलग घोषणाएं हैं. दोनों का उद्देश्य नगर निगम की सेवाओं और कर्मचारियों से जुड़ी जरूरतों को बेहतर बनाना है.
DA के बारे में कर्मचारियों को क्या समझना चाहिए?
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से कुछ राहत देने के लिए दिया जाता है. इसकी दर और गणना संबंधित सेवा नियमों तथा लागू आदेशों पर निर्भर करती है. दिल्ली MCD के इस मामले में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये तय किया गया है और उसके अतिरिक्त नियमानुसार DA देय होगा.
इसलिए कर्मचारियों की कुल मासिक कमाई का सटीक आंकड़ा बताने के लिए लागू DA दर और अन्य संबंधित नियमों को देखना जरूरी है. उपलब्ध रिपोर्टों में सभी कर्मचारियों के लिए एक समान अंतिम इन-हैंड सैलरी का आंकड़ा नहीं दिया गया है. ऐसे में बिना व्यक्तिगत वेतन विवरण के यह दावा करना सही नहीं होगा कि हर कर्मचारी के खाते में एक ही राशि आएगी.