Price Hike from 1st May 2026: 1 मई 2026 से लागू होने वाली कीमतों में वृद्धि आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई है. इस नई बढ़ोतरी के तहत कई जरूरी चीजों और सेवाओं के दामों में इजाफा देखने को मिला है, ये कोई कभी-कभी इस्तेमाल होने वाली चीजे नहीं बल्कि रोज इस्तेमाल होने वाली चीजें हैं. जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई दर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और उत्पादन लागत में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हैं. इस मूल्य वृद्धि का असर खासतौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर अधिक पड़ेगा, जिन्हें अपने खर्चों को संतुलित करना और भी कठिन हो जाएगा. सरकार और संबंधित एजेंसियों से उम्मीद की जा रही है कि वो स्थिति को नियंत्रित करने और आम लोगों को राहत देने के लिए उचित कदम उठाएंगी. चलिए जान लेते हैं आज किन-किन चीजों पर दाम बढ़े हैं.
पेट्रोल-डीजल के दाम ने छुए आसमान
इंडियन ऑयल ने शुक्रवार को बताया कि वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ने के बावजूद पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने एक बयान में कहा कि आम जनता पर असर डालने वाले मुख्य ईंधनों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है; इसका मतलब है कि शुक्रवार, 1 मई 2026 को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं. गुरुवार को, सरकार ने 1 मई 2026 से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर संशोधित निर्यात शुल्क अधिसूचित किया. इसके तहत डीज़ल पर शुल्क ₹23 प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर ₹33 प्रति लीटर तय किया गया, जबकि पेट्रोल के निर्यात को शुल्क-मुक्त रखा गया. कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर चार साल के उच्चतम स्तर यानी USD 126 प्रति बैरल पर पहुँच गई हैं, जबकि युद्ध से पहले ये कीमतें लगभग USD 73 प्रति बैरल थीं.
सिलेंडर के बढ़े दाम
19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹993 की बढ़ोतरी की गई है. इस बदलाव के बाद, दिल्ली में इसकी नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है. इस बड़ी बढ़ोतरी से उन फ़ूड बिज़नेस का ऑपरेटिंग खर्च बढ़ने की संभावना है, जो कमर्शियल कुकिंग गैस पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहते हैं. हालाँकि, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि फ़िलहाल घरेलू इस्तेमाल करने वालों पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा.
क्या होगा मुफ्त ट्रांजेक्शन ?
बैंकिंग सेक्टर में भी नए नियम लागू किए गए हैं. RBI से मंज़ूरी मिलने के बाद, कई बैंकों ने ATM ट्रांज़ैक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. अब, मुफ़्त ट्रांज़ैक्शन की सीमा पार करने पर, उसके बाद किए जाने वाले कैश निकालने या बैलेंस चेक करने पर ज़्यादा चार्ज लग सकते हैं. कुछ बैंकों ने UPI के ज़रिए किए जाने वाले कैश निकालने के ट्रांज़ैक्शन को भी मुफ़्त ट्रांज़ैक्शन की सीमा में शामिल करना शुरू कर दिया है. इसके अलावा, अब उन ट्रांज़ैक्शन पर भी अतिरिक्त चार्ज लग सकते हैं जो खाते में पैसे कम होने की वजह से पूरे नहीं हो पाते.
किराने के सामान के दाम
1 मई से किराने के सामान के दामों में फ़िलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. लेकिन संभावना है, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है. रोजमर्रा की चीजें जैसे आटा, दाल, चावल, तेल और सब्जियों की कीमतें पहले से ही कुछ जगहों पर बढ़ रही हैं, और अगर मई में नए रेट लागू होते हैं तो महंगाई और बढ़ सकती है. इससे घर का बजट बिगड़ सकता है और लोगों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है. खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति मुश्किल पैदा कर सकती है. सरकार और संबंधित विभागों से उम्मीद की जा रही है कि वे कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.