Babloo Srivastava acquitted: उत्तर प्रदेश के चर्चित अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को करीब 20 साल पुराने अपहरण मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. लखनऊ की सीबीआई अदालत ने कोलकाता के होटल लिंगटन के मालिक के अपहरण से जुड़े मामले में उन्हें दोषमुक्त कर दिया है. इस केस में बबलू श्रीवास्तव पर आरोप था कि उन्होंने प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रहने के बावजूद अपने गैंग के जरिए अपहरण की साजिश रची थी. हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि वह जेल के भीतर से अपने गिरोह को संचालित कर रहे थे.
होटल मालिक के अपहरण की साजिश रचने का था आरोप
यह मामला कोलकाता के होटल लिंगटन के मालिक के अपहरण से जुड़ा है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस अपहरण की साजिश में बबलू श्रीवास्तव की भूमिका थी. आरोप लगाया गया था कि उस समय प्रयागराज की नैनी जेल में बंद होने के बावजूद वह अपने गैंग के संपर्क में थे और जेल से ही अपहरण की पूरी योजना तैयार कराई थी.
बचाव पक्ष की दलीलों के बाद मिला फैसला
बबलू श्रीवास्तव की ओर से अधिवक्ता जिशान अल्वी ने अदालत में पक्ष रखा. बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों पर अपनी दलीलें पेश कीं. सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह साबित नहीं हो सका कि बबलू श्रीवास्तव नैनी जेल में रहते हुए अपने गिरोह को संचालित कर रहे थे और होटल मालिक के अपहरण की साजिश में उनकी भूमिका थी. इसके बाद सीबीआई अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषमुक्त कर दिया.
पूर्व आईपीएस अधिकारी की किताब में भी हुआ था जिक्र
कोलकाता के होटल लिंगटन के मालिक के अपहरण से जुड़े इस मामले का उल्लेख पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय ने अपनी किताब में भी किया था. इस केस में बबलू श्रीवास्तव पर जेल में बंद रहते हुए अपहरण की साजिश रचने और अपने गिरोह को संचालित करने का आरोप लगाया गया था. सीबीआई अदालत के ताजा फैसले से बबलू श्रीवास्तव को इस मामले में राहत मिली है. हालांकि, इस फैसले को उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों से अलग समझना जरूरी है. अदालत ने उन्हें इसी अपहरण मामले में दोषमुक्त किया है.