Dhanteras Puja: धनतेरस का त्योहार दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने के साथ सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने की परंपरा है. धनतेरस की शाम दीपदान का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर के अलग अलग हिस्सों में दीपक जलाने से सुख समृद्धि और खुशहाली का वास होता है. खासतौर पर घर की पांच जगहों पर दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है. आइए जानते हैं कि धनतेरस की शाम किन पांच जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है.
घर के मुख्य दरवाजे पर जलाएं दीपक
धनतेरस की शाम घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में मुख्य द्वार को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है. इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के प्रवेश का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में शाम के समय मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाएं. चाहें तो दरवाजे के दोनों ओर भी दीपक रख सकते हैं. ध्यान रखें कि दीपक सुरक्षित जगह पर हो, जहां किसी के पैर से वह बुझ न जाए.
तुलसी के पौधे के पास जलाएं घी का दीपक
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र और पूजनीय माना गया है. घरों में रोजाना तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है. धनतेरस के दिन भी शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाया जा सकता है. धार्मिक मान्यता है कि तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सुख शांति बनी रहती है. इसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से भी जोड़कर देखा जाता है.
घर के मंदिर में जलाएं दीपक
धनतेरस के दिन घर के मंदिर में दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है. पूजा के दौरान घी या तिल के तेल का दीपक जला सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि मंदिर में दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता और सुख समृद्धि बनी रहती है. इसके साथ ही भगवान से परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें.
दक्षिण दिशा में जलाएं यमराज के नाम का दीपक
धनतेरस पर यमराज के नाम से दीपदान करने की विशेष परंपरा है. इसे यम दीपक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम का दीपक जलाना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा करते हैं. यह दीपक परिवार की लंबी आयु और मंगलकामना के लिए जलाया जाता है.
छत, बालकनी और आंगन में जलाएं दीये
धनतेरस की शाम घर की छत, बालकनी और आंगन में भी दीपक जलाने चाहिए. पहले के समय में लोग घर के कोने कोने में मिट्टी के दीये जलाकर रोशनी करते थे. आज भी इस परंपरा को निभाया जाता है. आप घर के उन हिस्सों में भी दीपक रख सकते हैं, जहां अंधेरा रहता है. धार्मिक मान्यता है कि दीपों से रोशन घर में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है. हालांकि, दीपक जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.