Live TV
Search
Home > बिज़नेस > फर्जी कॉल करने वालों पर सरकार का डिजिटल स्ट्राइक! स्पैम कॉल्स में 99% की भारी गिरावट दर्ज, 55-56 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक

फर्जी कॉल करने वालों पर सरकार का डिजिटल स्ट्राइक! स्पैम कॉल्स में 99% की भारी गिरावट दर्ज, 55-56 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक

भारत में स्पैम कॉल्स में 99% की गिरावट आई है. सरकार ने संचार साथी के तहत 55-56 लाख मोबाइल नंबर बंद किए और CNAP सुविधा भी शुरू की है.

Written By:
Published: November 6, 2026 15:21:18 IST
Last Updated: November 6, 2026 15:21:18 IST

Mobile Ads 1x1

भारत में स्पैम कॉल्स यानी अनचाही और परेशान करने वाली कॉल्स की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, देश में स्पैम कॉल्स की रोजाना संख्या पहले के करीब 3.5 करोड़ से घटकर अब लगभग 99 फीसदी कम हो गई है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से टेलीकॉम सुरक्षा मजबूत करने और फर्जी कॉल करने वालों की पहचान करने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है.

यह गिरावट दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बीच आई है. सरकार का फोकस टेलीकॉम नेटवर्क को सुरक्षित बनाने, फर्जी कॉल करने वालों की पहचान करने और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी पर रोक लगाने पर है.

55-56 लाख मोबाइल नंबर किए गए बंद

फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने संचार साथी (Sanchar Saathi) पहल के तहत करीब 55 से 56 लाख मोबाइल नंबर बंद किए हैं. इस पहल का मकसद ऐसे मोबाइल कनेक्शन की पहचान करना और उन्हें बंद करना है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी या दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है.

इसके अलावा सरकार टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ा रही है, ताकि साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके.

अब कॉल आने पर दिखेगा कॉलर का नाम

कॉल करने वाले की पहचान आसान बनाने के लिए सरकार ने Calling Name Presentation (CNAP) सुविधा भी शुरू की है. इस सुविधा के तहत 4G और उससे अधिक नई पीढ़ी के नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का नाम दिखाई दे सकता है.

इसका उद्देश्य लोगों को असली और फर्जी कॉल के बीच अंतर समझने में मदद करना है. इससे अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है और धोखाधड़ी की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है.

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से बढ़ेगा तालमेल

सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) भी तैयार किया है. इस प्लेटफॉर्म से करीब 1,600 से 1,800 संस्थाएं जुड़ी हैं. इनमें बैंक, वित्तीय संस्थान, टेलीकॉम ऑपरेटर और कानून लागू करने वाली एजेंसियां शामिल हैं.

यह प्लेटफॉर्म इन सभी संस्थाओं के बीच संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल बेहतर बनाने का काम करता है. इससे डिजिटल फ्रॉड की पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

कुल मिलाकर, स्पैम कॉल्स में आई गिरावट और लाखों मोबाइल नंबर बंद करने की कार्रवाई टेलीकॉम सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम हैं. हालांकि, साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को पूरी तरह रोकने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता जरूरी बनी हुई है.

MORE NEWS

Home > बिज़नेस > फर्जी कॉल करने वालों पर सरकार का डिजिटल स्ट्राइक! स्पैम कॉल्स में 99% की भारी गिरावट दर्ज, 55-56 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक

Written By:
Published: November 6, 2026 15:21:18 IST
Last Updated: November 6, 2026 15:21:18 IST

Mobile Ads 1x1

भारत में स्पैम कॉल्स यानी अनचाही और परेशान करने वाली कॉल्स की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, देश में स्पैम कॉल्स की रोजाना संख्या पहले के करीब 3.5 करोड़ से घटकर अब लगभग 99 फीसदी कम हो गई है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से टेलीकॉम सुरक्षा मजबूत करने और फर्जी कॉल करने वालों की पहचान करने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है.

यह गिरावट दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बीच आई है. सरकार का फोकस टेलीकॉम नेटवर्क को सुरक्षित बनाने, फर्जी कॉल करने वालों की पहचान करने और डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी पर रोक लगाने पर है.

55-56 लाख मोबाइल नंबर किए गए बंद

फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने संचार साथी (Sanchar Saathi) पहल के तहत करीब 55 से 56 लाख मोबाइल नंबर बंद किए हैं. इस पहल का मकसद ऐसे मोबाइल कनेक्शन की पहचान करना और उन्हें बंद करना है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी या दूसरी गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है.

इसके अलावा सरकार टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ा रही है, ताकि साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके.

अब कॉल आने पर दिखेगा कॉलर का नाम

कॉल करने वाले की पहचान आसान बनाने के लिए सरकार ने Calling Name Presentation (CNAP) सुविधा भी शुरू की है. इस सुविधा के तहत 4G और उससे अधिक नई पीढ़ी के नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का नाम दिखाई दे सकता है.

इसका उद्देश्य लोगों को असली और फर्जी कॉल के बीच अंतर समझने में मदद करना है. इससे अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है और धोखाधड़ी की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है.

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से बढ़ेगा तालमेल

सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए Digital Intelligence Platform (DIP) भी तैयार किया है. इस प्लेटफॉर्म से करीब 1,600 से 1,800 संस्थाएं जुड़ी हैं. इनमें बैंक, वित्तीय संस्थान, टेलीकॉम ऑपरेटर और कानून लागू करने वाली एजेंसियां शामिल हैं.

यह प्लेटफॉर्म इन सभी संस्थाओं के बीच संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल बेहतर बनाने का काम करता है. इससे डिजिटल फ्रॉड की पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

कुल मिलाकर, स्पैम कॉल्स में आई गिरावट और लाखों मोबाइल नंबर बंद करने की कार्रवाई टेलीकॉम सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम हैं. हालांकि, साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को पूरी तरह रोकने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता जरूरी बनी हुई है.

MORE NEWS