Al Falah University: अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी एक बार फिर चर्चा में हैं. मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में जेल में बंद सिद्दीकी को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी की देखभाल के लिए 7 दिन की कस्टडी पैरोल दी है. उनकी पत्नी स्टेज-4 ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं और 10 नवंबर को उनकी कीमोथेरेपी का अगला राउंड होना है. हालांकि, सिद्दीकी को यह राहत कई सख्त शर्तों के साथ मिली है.
पत्नी की बीमारी का दिया हवाला
शुक्रवार को जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई की. उन्होंने मेडिकल और मानवीय आधार पर एक सप्ताह की अंतरिम जमानत या कस्टडी पैरोल मांगी थी. अदालत ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए सात दिन की कस्टडी पैरोल मंजूर कर दी. इसका मतलब है कि सिद्दीकी को जेल से बाहर तो लाया जाएगा लेकिन वह स्वतंत्र रूप से कहीं आ-जा नहीं सकेंगे. उन्हें हथियारबंद पुलिसकर्मियों की निगरानी में रखा जाएगा.
ED ने लाल किला ब्लास्ट का भी उठाया मुद्दा
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सिद्दीकी को राहत देने का विरोध किया. एजेंसी की ओर से दलील दी गई कि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं और उनके फरार होने की आशंका भी है. विरोध के दौरान उनके पुराने आपराधिक मामलों और लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार ब्लास्ट की जांच का भी जिक्र किया गया. गौरतलब है कि लाल किले के बाहर 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके में 15 लोगों की जान चली गई थी. इस मामले में जांच के दौरान अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं, उमर-उन-नबी की पहचान इस धमाके के आत्मघाती हमलावर के रूप में हुई थी. हालांकि इन घटनाओं का जिक्र सिद्दीकी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से अलग जांच के संदर्भ में है.
415 करोड़ की फंडिंग और जमीन से जुड़ा मामला
सिद्दीकी की मुश्किलें सिर्फ ब्लास्ट की जांच तक सीमित नहीं हैं. ED ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में गिरफ्तार किया है. पहला मामला यूनिवर्सिटी की फीस के जरिए कथित तौर पर अवैध फंड जुटाने से जुड़ा है. ED का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने 2018 से 2025 के बीच करीब 415.10 करोड़ रुपये जुटाए और इस रकम का इस्तेमाल निजी कामों में किया. एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी ने NAAC एक्रेडिटेशन और UGC की मान्यता को लेकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया.