Baramati Crime News: महाराष्ट्र के बारामती से पति-पत्नी के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पारिवारिक विवाद के बाद एक महिला पर अपने पति को कथित तौर पर रास्ते से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक, महिला ने पहले पति को नशीली दवा देकर बेहोश किया और फिर क्रिकेट बैट से हमला किया. इसके बाद घर में ईंट और सीमेंट से बने एक चेंबर में उसे बंद कर कथित तौर पर जिंदा दफन करने की कोशिश की गई. हालांकि, घर में चेंबर तैयार कर रहे मजदूरों को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी. समय रहते पुलिस पहुंची और पति की जान बच गई.
ऐसे खौफनाक मोड़ पर पहुंचा रिश्ता
मामला बारामती शहर के जामदार रोड स्थित इंद्रप्रस्थ सोसायटी के एक फ्लैट का बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, 41 वर्षीय प्रवीण प्रकाश जगताप एक निजी कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करते हैं. उनकी 38 वर्षीय पत्नी शर्मिला प्रवीण जगताप को पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था. इसी विवाद के बाद घटना को अंजाम दिए जाने का आरोप है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की असली वजह क्या थी और कथित साजिश कब से तैयार की जा रही थी.
पहले नशीली दवा, फिर क्रिकेट बैट से हमला
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, शर्मिला ने कथित तौर पर अपने पति को नशीली दवा दी. इसके बाद जब प्रवीण अर्ध-बेहोशी की हालत में थे, तब उन पर क्रिकेट बैट से हमला किया गया. आरोप है कि हमले के बाद प्रवीण को घर में बने एक चेंबर में बंद करने की तैयारी की गई. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमले में प्रवीण को कितनी चोटें आईं और उन्हें किस हालत में चेंबर के अंदर रखने की कोशिश की गई थी.
घर में बन रहा था ईंट-सीमेंट का चेंबर
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात घर में बन रहा वह चेंबर है, जिसे पुलिस कथित तौर पर प्रवीण को बंद करने की कोशिश से जोड़कर देख रही है. जानकारी के अनुसार, फ्लैट के हॉल से लगी गैलरी में ईंट और सीमेंट से चौकोर चेंबर तैयार कराया जा रहा था. बताया जा रहा है कि चेंबर को कडप्पा पत्थर की स्लैब से बंद करने की तैयारी थी. पुलिस के मुताबिक, आशंका है कि प्रवीण को इसी अधबने चेंबर में डालकर बंद करने की कोशिश की गई.
मजदूरों को हुआ शक, एक फोन ने बचाई प्रवीण की जान
चेंबर बनाने वाले मजदूरों को काम के दौरान कुछ ऐसा महसूस हुआ जिससे उन्हें पूरे मामले पर शक हो गया. उन्हें आशंका हुई कि चेंबर का इस्तेमाल सामान्य निर्माण कार्य के लिए नहीं किया जा रहा है. इसके बाद मजदूरों ने पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दे दी. पुलिस को जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. समय रहते कार्रवाई होने से प्रवीण की जान बच गई. पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 जुलाई की रात से 1 अगस्त की सुबह के बीच की बताई जा रही है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस अब कथित हमले, नशीली दवा देने और चेंबर तैयार कराने के पीछे की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है.
पुलिस खंगाल रही है विवाद और साजिश की पूरी कहानी
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पति-पत्नी के बीच ऐसा क्या हुआ कि मामला इस स्तर तक पहुंच गया. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चेंबर बनवाने का फैसला कब लिया गया था और क्या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी. जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सबूत जुटा रही हैं. मजदूरों के बयान और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर ही पूरे मामले को देखा जा रहा है और मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा जांच आगे बढ़ने पर होगा.